वहीं दिल्ली के तीनों नगर निगम भाजपा शासित हैं। पिछले वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों को चुनाव से पहले अमली जामा पहनाया गया। चुनाव से पहले लगातार निगमों की तरफ दिल्ली सरकार पर निशाना साधा जाता रहा है। पिछले करीब एक महीने के दौरान निगम के विकास कार्यों की झड़ी लगा दी गई है, जिसका केंद्रीय मंत्रियों ने उद्घाटन और शिलान्यास कर, दिल्ली के मतदाताओं को संदेश दिया है।
कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं किए हैं, लेकिन अजय माकन, पूर्व केंद्रीय मंत्री योगानंद शास्त्री, अरविंदर सिंह लवली, पूर्व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल, पूर्व सांसद महाबल मिश्रा, दिल्ली के पूर्व परिवहन मंत्री हारुन यूसुफ और शर्मिष्ठा मुखर्जी के नाम के कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं किए हैं, लेकिन एक-दो सीटों के प्रत्याशियों के बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
पूर्वी दिल्ली से महेश गिरी, ओमप्रकाश शर्मा, कुलदीप सिंह चहल, मेयर बिपिन बिहारी सिंह, उत्तर पूर्वी दिल्ली से महंत नवल किशोर दास, पूर्व महापौर सत्या शर्मा, पूर्व विधायक मोहन सिंह बिष्ट टिकट की दौड़ में हैं। चांदनी चौक से मौजूदा सांसद डॉ. हर्षवर्धन, बिजेंद्र गुप्ता, विजय गोयल के नाम की चर्चा है। इस बार नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी के अलावा क्रिकेटर गौतम व एक अन्य उम्मीदवार के नाम की चर्चा है। आरक्षित उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में सांसद उदित राज, दुष्यंत गौतम के नाम की चर्चा है जबकि पश्चिमी दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, दक्षिण दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी व एक अन्य उम्मीदवार के नाम की चर्चा है।