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दिल्ली विधानसभा चुनावः हिंदुत्व की बयार से मुकाबले में आई भाजपा

Fri, 07 Feb 2020 04:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा शरद गुप्ता, नई दिल्ली
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अमित शाह का काफिला - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों में आई भीड़ एक ही नारा लगा रही थी- जय श्रीराम। इतने जोरशोर से लग रहा यह नारा दिल्ली चुनाव का माहौल बताने के लिए काफी है। 

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दिल्ली भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंदुत्व की लहर है। नागरिकता संशोधन कानून और शाहीन बाग जैसे मुद्दों ने कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है। कच्ची कॉलोनियों को पक्का बना देने के वादे के साथ देशभक्ति का तड़का पार्टी की मुख्य चुनावी रणनीति है।

प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पूरा केंद्रीय मंत्रिमंडल, पार्टी के सभी 370 सांसद, कई राज्यों के भाजपा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय संगठन के साथ राज्य इकाइयों के पदाधिकारी भी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। प्रधानमंत्री की रैलियों और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट से इस प्रचार को और गति मिली है।
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दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर भाजपा नेता नुक्कड़ सभाएं करते नजर आ रहे हैं। अमित शाह सहित पार्टी के सभी नेता घर-घर पर्चे बांटकर प्रचार करते दिख रहे हैं। संघ कार्यकर्ताओं की मेहनत हर जगह दिख रही है। चुनाव का नतीजा कुछ भी हो, लेकिन भाजपा ने माहौल अपने पक्ष में बना लिया है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में माहौल और बदल सकता है। 

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में तीन चौथाई सीटें जीतने में भाजपा ने इससे आधी मेहनत भी नहीं की थी। जबकि दिल्ली पूरा राज्य भी नहीं है। जाहिर है दिल्ली का चुनाव भाजपा के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

मेहनत से की वापसी
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि दिल्ली में पार्टी का संगठन बहुत लचर था। चुनाव से पहले माना जा रहा था कि आप के सामने भाजपा कोई चुनौती नहीं पेश कर पाएगी। पर अमित शाह की मेहनत और रणनीति से भाजपा मुकाबले आ गई है।

जीत का गणित
पिछले सात साल से भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार 32-33 फीसदी वोट पाती रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी का वोट प्रतिशत 2013 में 24.5 से बढ़कर 2015 में 54 प्रतिशत हो गया था। यदि भाजपा अपना वोट प्रतिशत 40 से ऊपर ले जाने में कामयाब होती है और कांग्रेस को आठ से 10 फीसदी वोट मिल जाए तो भाजपा की सत्ता में वापसी हो सकती है। 

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