नई दिल्ली।
महिला आरक्षण को लेकर पूर्वी दिल्ली के सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें महिला विरोधी करार दिया। भाजपा नेताओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों को महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे पर विपक्ष को लोकतांत्रिक जवाब देंगी।
हर्ष मल्होत्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि संविधान संशोधन विधेयक भारतीय लोकतंत्र को अधिक संतुलित और न्यायसंगत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा सीटों का परिसीमन वर्तमान जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा और सीटों की अधिकतम संख्या 550 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है। उनके मुताबिक, इससे एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य का सिद्धांत प्रभावी रूप से लागू होगा और सभी राज्यों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सीट फ्रीज खत्म होने और परिसीमन प्रक्रिया में बदलाव से लंबे समय से चली आ रही असमानताएं दूर होंगी। साथ ही, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता भी साफ होगा। मल्होत्रा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दक्षिणी और छोटे राज्यों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होगा। वहीं, प्रवीन खंडेलवाल ने महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने को लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए।
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