बिसाहड़ा गांव और बसपा सुप्रीमो मायावती के गांव बादलपुर में भी भाजपा प्रत्याशी ने वोट की तगड़ी सेंध लगाई है। सपा के कद्दावर नेता नरेंद्र भाटी के पैतृक गांव से भी भाजपा को जबरदस्त बढ़त मिली।
दादरी विधानसभा क्षेत्र का गांव बिसाहड़ा इकलाख हत्याकांड के बाद काफी चर्चा में रहा। घटना में सपा सरकार की एकतरफा कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी थी, जिसका असर वोट पर भी पड़ा।
इकलाख के परिवार को लाखों रुपये की आर्थिक मदद देने के बाद से ही गांव के अधिकांश लोग सपा सरकार से काफी नाराज थे। चुनाव से पहले ही गांव के लोग इसका जवाब वोट के रूप में देने की चेतावनी दे चुके थे।
यही वजह है कि बिसाहड़ा से भाजपा प्रत्याशी तेजपाल नागर को 2716 वोट मिले, जबकि सपा को सिर्फ 152 और बसपा प्रत्याशी सत्यवीर सिंह गुर्जर को 275 वोट मिले। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पैतृक गांव बादलपुर में पिछले चुनावों में 95 फीसदी मत बसपा को मिलेे थेे, इस बार स्थिति बदली हुई दिखी। बसपा प्रत्याशी को 922 वोट मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी को 670 वोट मिले।
इस बार स्थिति बदली हुई दिखी
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- फोटो : कुमार संजय
पहले भाजपा को 100 से कम वोट ही मिलते थे। वहीं, सपा से विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी के पैतृक गांव बोड़ाकी में 1173 मत पड़े, जिसमें भाजपा प्रत्याशी को 484 वोट मिले।
जबकि बसपा प्रत्याशी को 475 वोट और सपा-कांग्रेस प्रत्याशी को 100 वोट ही मिले। खुद के गांव में भी भाजपा प्रत्याशी को जबरदस्त साथ मिला। गांव आकिलपुर में 904 वोट पड़े, जिसमें से भाजपा को 775 वोट मिले।
बसपा को 70 और सपा को 33 वोट मिले। सपा के पूर्व प्रत्याशी राजकुमार भाटी के पैतृक गांव लुहारली में सपा-कांग्रेस प्रत्याशी को 197 मत मिले, जबकि भाजपा को 1022 और बसपा को 405 मत मिले।
भाजपा के जिलाध्यक्ष विजय भाटी के गांव पल्ला में भाजपा प्रत्याशी को 729, बसपा को 260 व सपा कांग्रेस प्रत्याशी को 114 मत मिले हैं। बंबाबड़ गांव में भाजपा प्रत्याशी को 462, बसपा प्रत्याशी को 83 और सपा कांग्रेस प्रत्याशी को 20 मत मिले।