दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख लोगों को भाजपा ने भी कांग्रेस की तरह ही ठगने का काम किया है। लोगों को उम्मीद थी कि रविवार को रजिस्ट्री मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के साथ गद्दारी की है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा की रैली में तमाम सांसद, विधायक, प्रदेश अध्यक्ष से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल हुए। सभी ने रैली में बड़े-बड़े भाषण दिए। लेकिन किसी ने अनधिकृत कॉलोनियों के मकान की पक्की रजिस्ट्री कैसी होगी इसपर चर्चा नहीं की। इससे लोगों को निराशा के साथ सभी को घर लौटना पड़ा। प्रधानमंत्री ने भी पक्की रजिस्ट्री नहीं दी। कांग्रेस ने भी चुनाव से पहले दिल्ली की जनता को प्रोविजनल सर्टिफिकेट बांटा, परंतु चुनाव के बाद अपना वादा भूल गई और किसी को पक्की रजिस्ट्री नहीं दी। इसी तरह भाजपा ने भी यह रैली यह कहकर आयोजित की थी कि कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने के उपलक्ष में यह आयोजित की जा रही है। परंतु किसी एक व्यक्ति को भी उसके मकान का मालिकाना हक नहीं दिया गया।
हमेशा की तरह भाजपा की तरफ से एक शगुफा छोड़ा गया। भावनाओं के साथ खिलवाड़ भाजपा कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के दर्द को समझते है। पिछले 5 साल में दिल्ली की सभी अनाधिकृत कॉलोनियों में विकास के वो सभी कार्य जैसे सड़के बनवाना, नालियां बनवाना, घर-घर तक पानी पहुंचाना, 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाना, मोहल्ला क्लीनिक बनवाना जैसी सुविधाएं दी। मकानों की पक्की रजिस्ट्री भी अरविंद केजरीवाल ही दिलाएंगे।
भाजपा को दिल्ली की जनता की समस्याओं के बारे में कुछ पता है और ना ही भाजपा के पास कोई खाका है कि किस प्रकार से वह दिल्ली का विकास करेगी। खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री ने भी स्वीकार किया है कि दिल्ली में प्रदूषण घटा। बसों की संख्या पर उठाए गए सवाल पर जवाब देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि लगातार हर महीने सैकड़ों नई बसें दिल्ली की सड़कों पर उतारी जा रही हैं। अगले 6-8 महीनों में दिल्ली की सड़कों पर हजारों नई बसें दौड़ती नजर आएंगी। आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले मात्र दिल्ली की 53 प्रतिशत कालोनियों में पाइप लाइन के द्वारा पानी पहुंचता था, परंतु पिछले 5 साल में दिल्ली सरकार के प्रयासों से आज दिल्ली की 93 प्रतिशत कॉलोनियों में पाइप लाइन के जरिए पीने का मीठा पानी भेजा जा रहा है।