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बिसाहड़ा कांड : 6 को आएगी ऊंचा अमीरपुर की मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट

Sun, 03 Apr 2016 12:29 PM IST
संदीप वर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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बिसाहड़ा गांव में इकलाख हत्याकांड के बाद पकड़े गए आरोपियों को छोड़ने की मांग कर रहे ऊंचा अमीरपुर के ग्रामीणों के साथ पुलिस संघर्ष और फायरिंग के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट 6 अप्रैल को आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बाद इसे जारी किया जाएगा।
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बिसाहड़ा में 28 सितंबर को इकलाख हत्याकांड में पुलिस ने उसी रात गांव के कुछ युवकों को हिरासत में लिया था। इसके विरोध में अगले दिन 29 सितंबर को एनटीपीसी के पास ऊंचा अमीरपुर के ग्रामीण युवकों को छोड़ने की मांग कर रहे थे।

उस दौरान ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच भिड़ंत हुई। ग्रामीणों ने पहले लाठीचार्ज और पुलिस फायरिंग का आरोप लगाया था। इसमें युवक राहुल यादव के पैर में गोली लग गई थी। वहीं, कई अन्य युवक और पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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मामले की जांच जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को सौंपी थी। राहुल यादव, ग्रामीण और पुलिस कर्मियों के बयान ले लिए गए हैं। अब एडीएम रिपोर्ट 6 अप्रैल को जिलाधिकारी को सौंपेंगे।

सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन प्रधानमंत्री मोदी के आने से पहले कोई हंगामा नहीं चाहता इसलिए माना जा रहा है कि प्रशासन की ओर से 6 अप्रैल को ही जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। 

एनटीपीसी में उपद्रव और गोलीकांड की घटना की जांच में सभी ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बयान पूरे हो चुके हैं। मामले की जांच की जा रही है। 6 अप्रैल को जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। - राजेश यादव, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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इकलाख के भाई ने सीएम को लिखा पत्र

- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
बिसाहड़ा में होने वाली साठा-चौरासी की पंचायत को रुकवाने के लिए इकलाख के भाई जमील की ओर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। क्षेत्र में शांति बहाली के लिए पंचायत न होने देने की गुहार लगाई गई है।

इसमें मुजफ्फरनगर दंगों का भी जिक्र किया गया है कि उस दौरान भी इस तरह की पंचायत के बाद ही माहौल खराब हुआ था। इसी तरह बिसाहड़ा कांड के बाद शांति का माहौल था।

अब दोबारा से साठा-चौरासी की महापंचायत बुलाई जा रही है, जिससे इकलाख के परिजनों और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को डर लग रहा है। इकलाख के बेटे सरताज ने बताया कि पत्र लिखा गया है।

अब व्हाट्स ऐप और फोन से जुटते हैं ग्रामीण : बिसाहड़ा गांव में किसी भी मुद्दे पर बात करने लिए ग्रामीण अब मंदिर से अनाउंसमेंट करने से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब मोबाइल या व्हाट्स ऐप के जरिये एक दूसरे से संपर्क किया जा रहा है।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि गांव के खास-खास लोगों के मोबाइल भी सर्विलांस पर लिए गए हैं, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। 
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