नया साल में लेट लतीफ शिक्षकों पर अंकुश लग सकता है। बायोमैट्रिक मशीन सुबह स्कूल खुलने के बाद प्रात: 9:15 बजे पर स्वत: बंद हो जाएगी, जिससे शिक्षक की हाजिरी मुख्यालय में दर्ज हो जाएगी।
ऐसी स्थिति में शिक्षक को हर हाल पर 9:00 बजे तक स्कूल पहुंचना ही होगा। नए साल में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की हाजिरी बायोमैट्रिक सिस्टम से लगवाने के लिए हर स्कूल में मशीन लगाई जा चुकी है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल मुखियाओं से 25 दिसंबर तक बायोमैट्रिक मशीनों को दुरुस्त कर रिपोर्ट देने को कहा था। ताकि एक जनवरी से हाजिरी लगनी सुनिश्चित हो सके।
निदेशालय को मिली रिपोर्ट पर शिक्षा अधिकारियों ने संतुष्टि जताते हुए एक जनवरी से सिस्टम को भी लागू कर दिया है। यहां बता दें प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की लेट लतीफी पर अंकुश लगाने के लिए यह निर्णय लिया है।
इन मशीनों को इंटरनेट के माध्यम से शिक्षा निदेशालय से जोडने का भी काम चल रहा है। बायोमैट्रिक सिस्टम को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी स्कूल हेड मास्टर की होगी।
यदि कोई शिकायत मिली तो हेड को 2500 रुपये जुर्माना लगेगा। साथ में उससे स्पष्टीकरण भी देना होगा। इस मशीन के जरिए सभी अनुबंध व नियमित कर्मचारियों की हाजिरी लगेगी।
देरी हुई तो कटेगा वेतन-
सभी स्कूल इंचार्जों को भेजे गए आदेश में शिक्षकों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि देरी हुई तो शिक्षक के वेतन से पैसा कटेगा।
शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षकों को निर्धारित समय से 15 मिनट पहले स्कूल पहुंचने की हिदायत दी है।
यदि अध्यापक तीन दिन लगातार 5 मिनट से ज्यादा देरी से पहुंचेगा तो शिक्षक का एक दिन का वेतन और 10 मिनट देरी से पहुंचने वाले शिक्षक का आधा दिन का वेतन काटने का नियम है। शिक्षा निदेशालय हर महीने स्कूल इंचार्जों को ई मेल द्वारा शिक्षकों की वेतन संबंधित जानकारी प्राप्त करेगा।