नई दिल्ली। कलाकार गजाली मोइनुद्दीन की एकल चित्र प्रदर्शनी बिलांदा एक से पांच अक्तूबर तक इंडिया हैबिटेट सेंटर की विजुअल आर्ट्स गैलरी में लगेगी। गैलरी श्री आर्ट्स की ओर से प्रस्तुत इस प्रदर्शनी के संयोजक जितेंद्र पदम जैन हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व छात्र गजाली के कैनवास पर खेत, जंगल, पेड़ और बदलता आकाश यथार्थ की हूबहू तस्वीर नहीं, बल्कि स्मृति और कल्पना से रचे गए भू-दृश्य हैं।
उनकी चित्र-भाषा में तकनीक भी खास है। वे ब्रश के बजाय उंगलियों के स्पर्श से रंग और बनावट विकसित करते हैं। रंगों की परतें, खुरदरी सतह और प्रकाश-छाया का मेल चित्रों को महसूस करने का अवसर देता है। प्रभाववादी दृष्टि प्रकृति के बदलते वातावरण और ऊर्जा को पकड़ती है। गजाली की कला बुल्गारिया, जापान और कतर सहित विभिन्न देशों में प्रदर्शित हो चुकी है। मिस्र के शर्म अल-शेख कला संगोष्ठी में वे एकमात्र भारतीय आमंत्रित कलाकार रहे हैं। संवाद