बड़ी संख्या में बाइक बोट कंपनी की धोखाधड़ी के पीड़ित अभी भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटक रहे हैं। राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों के दर्जनों पीड़ितों ने कंपनी के संचालकों पर कार्रवाई व रिपोर्ट दर्ज करने की मांग के लिए एसएसपी से लेकर अन्य आला अधिकारियों को शिकायत दी है। इसके बावजूद रिपोर्ट दर्ज न होने पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की गई है। पीड़ित अलग से एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि लखनऊ शिकायत प्रकोष्ठ डीआईजी के आदेश के बावजूद उनकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
गुरुग्राम निवासी राजेश पांचाल ने बताया कि उन्होंने बाइक बोट कंपनी से दो फ्रेंचाइजी गुरुग्राम व करनाल के लिए लीं थीं। उन्होंने 47 लाख से अधिक रुपये 77 बाइक में लगाए थे। इसके अलावा उन्होंने कई लोगों को अपने साथ जोड़ा था। जिन्होंने अलग से कंपनी में रुपये निवेश किए थे। अब, उनके साथ लगभग डेढ़ सौ लोग विभिन्न राज्यों के जुड़ चुके हैं जिनके रुपये कंपनी में फंसे हुए हैं।
उन्होंने लोकसभा चुनाव प्रथम चरण से पूर्व एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर आरोपी संचालकों पर अलग से एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। वह अपनी शिकायत उस एफआईआर में शामिल नहीं कराना चाहते। जिस पर आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्थगनादेश लिया हुआ है। उन्होंने 18 अप्रैल को आला अधिकारियों को ईमेल कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर लखनऊ शिकायत प्रकोष्ठ के डीआईजी ने अगले दिन कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब, उन्होंने मुख्यमंत्री एवं अन्य अधिकारियों से दोबारा शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।