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'महेश शर्मा को डॉ कलाम का घर देना उनका सबसे बड़ा अपमान'

Wed, 28 Oct 2015 05:29 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में डॉ कलाम के अंतिम घर से उनकी हजारों किताबें, उनके जीवन भर के कार्यों से जुड़े दस्तावेज और वीणा (जिसे वे अक्सर बजाते थे) सब सामान पैक किया जा चुका है।
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डॉ कलाम के मकान को 31 अक्टूबर 2015 तक खाली कराया जाना था। यहां तक सब ठीक चल रहा था। लेकिन अब इस पर इस बात के बाद विवाद हो गया जब पता चला कि मिसाइल मैन कलाम का फ्लैट केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को आवंटित होने जा रहा है।

महेश शर्मा पिछले महीने तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने डॉ कलाम के बारे में कहा था कि एपीजी अब्दुल कलाम एक मुस्लिम होने के बावजूद भी राष्ट्रवादी थे। जानकारी के मुताबिक मामले में तमिलनाडू के एक वरिष्ठ पत्रकार ने याचिका दायर कि है। इसमे डॉ कलाम के घर को नॉलेज सेंटर में तब्दील की मांग की गई है।
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याचिकाकर्ता ने कहा है कि इस घर को एक केंद्रीय मंत्री का आवास बनाने के कुछ दिनों बाद इसमें डॉ कलाम के जीवन की कोई भी याद नहीं रह जाएगी।
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'मिसाइल मैन के घर को नॉलेज सेंटर बनाया जाए'

संस्कृति मंत्री डॉ कलाम ने महेश शर्मा डॉ कलाम को एक मुस्लिम होने के बावजूद एक महान राष्ट्रवादी और मानवतावादी कहा था। हालांकि बाद में विवाद होने पर उन्होंने डॉ कलाम को राष्ट्रवादी मुस्लिम बताया था।

महेश शर्मा को अब एपीजे अब्दुल कलाम का राजाजी मार्ग स्थित मकान नंबर 10 दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह 1 हजार से ज्यादा स्कवायर मीटर का बंगला है। बताया जा रहा है कि नियमों के मुताबिक इस तरह की सुख-सुविधाओं वाला बंगला केवल कैबिनट मंत्री और कैबिनेट रैंक के स्तर के लोगों को ही आवंटित होता है।

किसी राज्य मंत्री या पहली बार सांसद बने प्रतिनिधी को ऐसा बंगला आवंटित नहीं किया जा सकता। हालांकि सरकार की ओर से इसकी कोई भी अधिकारिक पुष्टि या बंगला के आवंटन का खंड़न नहीं किया गया है। पत्रकार के मुताबिक यह देश के महान राष्ट्रपति और दिग्गज शख्सियत की सबसे बड़ा अपमान है। डॉ कलाम ने अपना पूरा जीवन युवाओं को देश व समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करने में लगा दिया।

याचिकाकर्ता ने डॉ कलाम के इस घर का नाम डॉ अब्दुल कलाम अंतराष्ट्रीय नॉलेज सेंटर रखने की अपील की है। जिसे आम जनता, विद्वानों और वैज्ञानिकों के लिए खोल जाए।
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