एक्सप्रेसवे को छोड़ दें तो पूरे शहर में एक भी एफओबी नहीं है। इसके चलते हर साल 25 से 30 पैदल यात्री सड़क क्रॉस करते समय जान गंवा देते हैं। लेकिन अब जल्द ही इससे निजात मिलने वाली है।
गुड़गांव नगर निगम की ओर से पहले फुटओवर ब्रिज का निर्माण दिल्ली-गुड़गांव बॉर्डर पर होगा। इसके लिए निगम अफसरों ने करीब सवा तीन करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट फाइनेंस समिति को भेजा है। जनवरी में इस पर काम शुरू होने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से कराए गए एक सर्वे में शहर में 24 स्थानों पर एफओबी की जरूरत बताई गई थी। इनमें से 14 स्थान नगर निगम के दायरे में हैं। निगम ने बीते साल स्थानीय निकाय से अनुमति मांगी तो पहले एक मॉडल एफओबी बनाने का निर्देश दिया गया।
निगम की इंजीनियरिंग विंग ने पहला एफओबी गुड़गांव-दिल्ली कापसहेड़ा बॉर्डर के पास बनाने का फैसला लिया। यहां दिल्ली की ओर से हजारों मजदूर रोज उद्योग विहार फेज पांच में काम करने आते हैं। यह एफओबी करीब छह माह में तैयार होगा।
दूसरे चरण में मारुति कंपनी के सामने एफओबी बनेगा। पुराने शहर में महाबीर चौक पर सबसे बड़ा एफओबी होगा। यह क्लोवर लीफ की तरह से होगा।
इसके लिए आईआईटी दिल्ली से डिजाइन तैयार कराया जा रहा है। निगम के मुख्य अभियंता बीएस सिंगरोहा ने बताया कि एफओबी की फाइल फाइनेंस कमेटी को भेजी गई है। इसके बाद इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।