गुड़गांव से सांसद एवं रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह भाजपा की पहली सूची में अपने एक करीबी का नाम शामिल कराने में सफल रहे, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बाबा रामदेव को बड़ा झटका लगा है।
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राव इंद्रजीत की पुरानी कार्यकर्ता विमला चौधरी को पटौदी सुरक्षित क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि गुड़गांव की प्रतिष्ठा वाली दो सीटों पर भाजपा के पुराने नेता ही चुनाव लड़ेंगे। इन सीटों पर इनेलो पहले की उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।
भाजपा की ओर से गुड़गांव से उमेश अग्रवाल और बादशाहपुर से राव नरबीर सिंह उम्मीदवार बनाए गए हैं। राव नरवीर सिंह गुड़गांव से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा की अगुवाई में काफी समय तक प्रचार अभियान भी चलाया था।
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लेकिन कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए राव इंद्रजीत सिंह को टिकट देने से नाराज होकर वह घर बैठ गए थे। उन्होंने अपनी सारी गतिविधियां समेट ली थीं। यहां तक कि लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान में भी बहुत कम शामिल हुए थे।
अधिकारियों की पत्नियां भी टिकट की दावेदार
पूर्व सांसद एवं पार्टी की राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर सुधा यादव भी बादशाहपुर से टिकट मांग रही थीं। एक प्रेसवार्ता में उन्होंने इसकी इच्छा भी जताई थी, पर पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। इनके अलावा इस सीट से राव इंद्रजीत के करीबी अभय यादव भी टिकट की कतार में थे।
जबकि कमल यादव, मनीष यादव और अनिल यादव जैसे कुछ युवा चेहरे भी यहां से टिकट चाहते थे। पटौदी सीट से विमला चौधरी के अलावा दो बड़े सरकारी अधिकारियों की पत्नियां भी टिकट की दावेदार थीं, पर उन्हें भी मायूस होना पड़ा।
दूसरी तरफ, गुड़गांव शहरी सीट से त्रिलोक शर्मा, राव इंद्रजीत के करीबी जीएल शर्मा, युवा भाजपा नेता कुलभूषण भारद्वाज, पद्मिनी सिंह, सुभाष सिंगला आदि टिकट की कतार में थे। उमेश अग्रवाल ने पिछला विधानसभा चुनाव भी भाजपा की टिकट पर गुड़गांव से लड़ा था और तीसरे नंबर रहे थे। इस समय वह भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी हैं।
पहली सूची से बाबा रामदेव के शिष्य 'आउट'
गुड़गांव की दो विधानसभा सीटों से बाबा रामदेव के शिष्य भी टिकट की दौड़ में शामिल थे, लेकिन दोनों रेस से बाहर हो गए। पार्टी ने उन्हें उम्मीदवारों की सूची से बाहर रखा है। बाबा रामदेव के करीबी माने जाने वाले त्रिलोक शर्मा गुड़गांव तथा सज्जन यादव बादशाहपुर से टिकट मांग रहे थे।
भाजपा हाईकमान पर दबाव बनाने के लिए दोनों जोरदार प्रचार अभियान भी चला रहे थे। इन प्रचार सामग्रियों में केवल बाबा रामदेव, त्रिलोक शर्मा, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ही तस्वीरें हुआ करती थीं।
पार्टी सूत्र बताते हैं त्रिलोक शर्मा को यही भारी पड़ गया। उन्होंने प्रचार के दौरान स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेता को अलग रखा। यहां तक कि बैनर, पोस्टर में भी इन नेताओं को जगह नहीं दी। इस पर एक सीनियर भाजपा लीडर की प्रतिक्रिया थी कि विधानसभा चुनाव स्थानीय व प्रदेश के नेताओं को दरकिनार कर की नहीं लड़ा जा सकता।
राजनाथ सिंह की रिश्तेदार को झटका
शहरी सीट से उमेश अग्रवाल को टिकट मिलने से भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी झटका लगा है। यहां से टिकट के लिए पद्मिनी सिंह भी टिकट की दौड़ में थी। इसके लिए उन्होंने पूरा जोर लगाया हुआ था।
वह प्रदेश में भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं और खुद को राजनाथ सिंह की भांजी बताती हैं। हालांकि उनका कहना है कि वह रिश्तेदारी के आधार पर नहीं अपने पिछले काम के दमपर गुड़गांव से टिकट मांग रही थीं।
मेवात में भाजपा असमंजस में मुस्लिम बहुल मेवात जिले के तीन विधानसभा सीटों को लेकर भाजपा असमंजस में है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से मेवात के कई मुस्लिम नेता पुरानी पार्टी छोड़कर भाजपा में आ गए हैं और इनकी पुन्हाना, नूंह एवं फिरोजपुर झिरकार पर नजरें टिकी हैं। दूसरी तरफ भाजपा पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच टिकट बंटवारे को लेकर असमंजस की स्थिति में है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अचानक टिकट के मुस्लिम दावेदारों की फौज खड़ी हो जाने से मेवात में भाजपा को सींचने वाले खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। इन्हें लगता है कि टिकट देने के मुस्लिमों को प्राथमिकता देने पर उनकी वर्षों पुरानी मेहनत बेकार हो जाएगी।
सोहना से टिकट बंटवारे में कई पेंच है। यह सीट गुड़गांव संसदीय क्षेत्र में आता है, लेकिन पिछला चुनाव यहां से कांग्रेस के चौधरी धर्मबीर सिंह ने जीता था और अब वह भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद हैं। इसके अलावा यहां से विधायक रहे सुखबीर जौनापुरिया भी राजस्थान से भाजपा सांसद हैं।
यही नहीं इस इलाके में भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की ससुराल है। मजेदार बात है कि इस सीट से संबंध रखने वाले बीजेपी एमपी अपने चहेतों को टिकट दिलाना चाहते हैं।
जौनापुरिया अपने बेटे के लिए और जनरल अपने साले अरिदमन बिल्लू के लिए टिकट मांग रहे हैं। बताते हैं कि इस सीट का फैसला फिलहाल पार्टी हाईकमान के जिम्मे सौंप दिया गया है।
भाजपा के गुड़गांव शहर से प्रत्याशी उमेश अग्रवाल, बादशाहपुर के राव नरबीर सिंह और पटौदी से विमला चौधरी ने टिकट दिए जाने पर पार्टी का शुक्रिया अदा किया है। तीनों ने ‘अमर उजाला’ से अलग-अलग बातचीत में कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है उसपर वे खरा उतरेंगे और जनता का समर्थन का समर्थन मिलने पर उनकी की तमाम जिम्मेदारियों को पूरी तन्मयता से पूरी करेंगे।