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बसपा नेता की पत्नी और 4 बच्चों की हत्या का सामने आया सच, कातिल बेनकाब

Tue, 23 May 2017 12:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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बसपा नेता मुनव्वर हसन
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बुराड़ी इलाके में बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर मुनव्वर हसन की ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की हत्या कर दी गई है। यह सनसनीखेज खुलासा हत्या के मामले में गिरफ्तार मुनव्वर हसन के पार्टनर साहिद खान उर्फ बंटी ने किया।
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आरोपियों ने मुनव्वर की पत्नी और दो बेटी की हत्या कर उनके शवों को मेरठ के दौराला में जमीन में दबा दिया, जबकि दो बेटों के शवों को बुराड़ी इलाके में दबाया। एसडीएम की देखरेख में पुलिस टीम ने चार घंटे की खुदाई के बाद सोमवार रात करीब 10 बजे दोनों बेटों का शव बुराड़ी से बरामद कर लिया। पुलिस टीम मेरठ में शवों की बरामदगी में जुटी है।

साहिद ने मुनव्वर की करोड़ों की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिए सुपारी किलर की मदद से वारदात को अंजाम दिलाया। इसके लिए उसने सुपारी किलर को तीन लाख रुपये दिए। बुराड़ी थाना पुलिस ने बंटी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दो आरोपी सुपारी किलर हैं। 
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जानकारी के मुताबिक, मूलरूप से मुजफ्फरनगर निवासी मुनव्वर हसन (45) सपरिवार बुराड़ी की भगत कॉलोनी स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर रहता था। वह 15 साल से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। मुनव्वर बादली विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुका था। शनिवार दोपहर उसके दोस्त व पार्टनर बंटी ने पुलिस को सूचना दी कि मुनव्वर की उसके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की।

पुलिस ने बंटी, उसके दोस्त दीपक और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। बंटी और उसके दोस्त के बयान विरोधाभाषी थे। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। उसने मुनव्वर की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली, लेकिन पूछताछ में उसने जो खुलासा किया उससे पुलिस के भी पैरों तले से जमीन खिसक गई।

बंटी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पांच सहयोगियों के साथ मिलकर मुनव्वर ही नहीं, बल्कि उसकी पत्नी सोनिया, दो बेटे आकिब व साकिब, दो बेटियों आरजू और आर्शी की भी हत्या करवा चुका है। उसने सुपारी किलर के जरिये सभी की हत्या करवाई है। इसके बाद पुलिस ने उसके दोस्त दीपक और दो सुपारी किलर फिरोज और जुल्फिकार को गिरफ्तार कर लिया।
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मुनव्वर के साथ थाने पहुंचकर उसकी पत्नी और बच्चों की गुमशुदगी दर्ज करवाई

हत्या आरोपी बंटी
बंटी ने बताया कि 19 जनवरी को मुनव्वर के जेल जाने के बाद वह अक्सर उससे मिलने तिहाड़ जाता था। मुनव्वर का विश्वासपात्र होने की वजह से उसके परिवार की भी देखरेख करता था।

षड्यंत्र रचने के बाद वह 20 अप्रैल को मुनव्वर की पत्नी और दो बेटियों को उनके एक रिश्तेदार से मिलाने की बात कहकर स्विफ्ट कार से उन्हें सहारनपुर ले गया। वहां से वापसी के दौरान साजिश के तहत मेरठ के दौराला गांव के पास अपने सहयोगियों को बुलाकर मां-बेटियों की हत्या करवाकर शव को जमीन में गाड़ दिया। इसके बाद वह दिल्ली आ गया।

21 अप्रैल को बंटी ने मुनव्वर के ऑफिस में उसके दोनों बेटों को बुलाया, जहां दोनों की गला घोंटकर हत्या करवा दी। रात में दोनों शवों को एक जर्जर मकान का फर्श खुदवाकर उसमें गाड़ दिया। आसपास के लोगों ने उससे रात में काम करवाने की बात पूछी थी। बंटी ने उनसे फर्श को ठीक कराकर किराये पर मकान देने की बात कही थी।

मुनव्वर के परिवार वालों की हत्या करवाने के बाद भी बंटी लगातार मुनव्वर से मिलने जेल जाता था। उसकी जमानत के लिए वह पैरवी भी कर रहा था। 17 मई को मुनव्वर जेल से निकला। बंटी ने ही उसे पत्नी और बच्चों के बारे में बताया कि वे बिना बताए कहीं चले गए हैं।

18 मई को मुनव्वर के साथ बुराड़ी थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई और उसके साथ ही उनकी तलाश में जुटा रहा। पुलिस के मुताबिक, जिस दिन मुनव्वर की हत्या हुई वह पुलिस को झांसा देने के लिए मुनव्वर के मोबाइल पर लगातार फोन कर रहा था।

उसके बाद घर पहुंचकर उसने मुनव्वर की हत्या की जानकारी दी। अपने को बचाने के लिए पुलिस से कहा कि उसने कई बार मुनव्वर को फोन किया। जब फोन नहीं उठा,तो वह उसके घर आया।
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