बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर की रात को हुए इकलाख हत्याकांड में एक नया पहलू सामने आया है। एक स्थानीय झोलाछाप पशु चिकित्सक ने ही मांस के टुकड़े को प्रतिबंधित पशु का बताया था।
इसके बाद गांव के लोग भड़के थे और दो-तीन युवकों ने मंदिर से घोषणा करा दी। इसके बाद उग्र भीड़ ने इकलाख के घर पर हमला बोल दिया।
इस बीच विवाद बढ़ता देख झोलाछाप ने ही गांव के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को फोन कर घटना की जानकारी देते हुए पुलिस बुलाने की भी बात कही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 28 सितंबर की शाम इकलाख के घर के पास एक कूड़े के ढेर पर मांस के कुछ टुकड़े और एक पशु की खाल मिली थी, जिसे किसी ने देखा और आसपास के लोग एकत्र हो गए।