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बड़ा खुलासा: बिल्डरों ने किया 1200 करोड़ का हेरफेर, निर्माण में नहीं लगाया बायरों का पैसा

Wed, 10 Jan 2018 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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सांकेत‌िक च‌ित्र
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यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के 23 बिल्डर प्रोजेक्ट का ऑडिट पूरा हो गया है, जिसमें 1200 करोड़ रुपये का हेरफेर सामने आ रहा है। प्राधिकरण इन बिल्डरों पर कार्रवाई की योजना बना रहा है।

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यमुना प्राधिकरण के मुताबिक, कुल 28 बिल्डर प्रोजेक्ट हैं। यमुना प्राधिकरण ने खुद से इनका ऑडिट कराया। 28 में से 23 प्रोजेक्ट का मौके पर काम होता दिखा। इन 23 प्रोजेक्ट में कुछ ही बिल्डरों ने फ्लैट खरीददारों के पैसे को निर्माण में लगाया है।

अधिकतर बिल्डरों ने पैसे को इधर-उधर किया है। प्राधिकरण की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1200 करोड़ रुपये का हेरफेर हुआ है। यानी बिल्डरों ने खरीददारों से लेने के बाद ये पैसे कहां खर्च किए, इसका हिसाब नहीं दे पा रहे। प्राधिकरण शीघ्र ही इनके नाम सार्वजनिक कर देगा।
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वहीं, पांच बिल्डर प्रोजेक्ट रद्द होने की बात कही जा रही है। इन बिल्डरों से रिपोर्ट न मिल पाने के कारण प्राधिकरण खरीददारों का ब्योरा उपलब्ध नहीं करा पा रहा। प्राधिकरण यह सूची शासन को भेजेगा। उसके बाद पैसों का हेरफेर करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई होगी।

ग्रेनो के 18 बिल्डरों की रिपोर्ट तैयार

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत बिल्डर प्रोजेक्ट का ऑडिट कर रही कंपनी ‘क्यूरी एंड ब्राउन’ ने 18 बिल्डरों की रिपोर्ट मंगलवार को जमा कर दी है। बाकी सात बिल्डरों की रिपोर्ट 15 जनवरी तक तैयार हो जाएगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ बीके त्रिपाठी ने बताया कि पहले चरण में 25 बिल्डरों का ऑडिट कराया जा रहा है, जिसमें एजेंसी ने 18 बिल्डरों की रिपोर्ट जमा कर दी है। बाकी बिल्डरों से ब्योरा नहीं मिल सका था।

उनको मंगलवार की बैठक में बुलाया गया। इन सात बिल्डरों में शुभकामना, एवीजे, मॉर्फियस और अंतरिक्ष के नाम शामिल हैं। इन बिल्डरों से भी ब्योरा देने को कहा गया है। इनमें से तीन प्रोजेक्ट का ब्योरा 11 जनवरी तक और बाकी चार ने 15 जनवरी तक ब्योरा दे देने को कहा है।

इसके साथ ही प्रथम चरण का ऑडिट पूरा हो जाएगा। इनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। साथ ही 25 और प्रोजेक्ट का ऑडिट करने के लिए एजेंसी को दे दिया जाएगा। 90 से अधिक प्रोजेक्ट का ऑडिट होना है।
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यूनिटेक के एमडी को नोटिस

प्रतीकात्मक तस्वीर
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यूनिटेक के एमडी को नोटिस जारी कर सेक्टर-पाई स्थित कैस्केड प्रोजेक्ट की लिफ्ट व रखरखाव के अन्य मुद्दों पर 15 जनवरी तक जवाब मांगा है। इसके बाद कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बिल्डर सेल के वरिष्ठ कार्यपालक विवेक गोयल की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि जिन पांच टावर का कंप्लीशन सर्टिफिकेट ले लिया गया है, उनमें कितने फ्लैटों की रजिस्ट्री हो गई है, कितने फ्लैटों में लोग रहते हैं।

किस मद में कितना भुगतान कितने सदस्यों से लिया जा रहा है, इसकी ऑडिट बैलेंस शीट उपलब्ध कराएं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि फायर फाइटिंग और लिफ्ट न चलने की शिकायत पर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई थी, वह अब तक क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई। इसे तत्काल दुरुस्त करवाकर रिपोर्ट प्राधिकरण में जमा करें। प्राधिकरण ने 15 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी है।
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