आरएसएस के उत्तरी क्षेत्र के पदाधिकारियों की बुधवार को सेक्टर-9 स्थित सिद्देश्वर स्कूल में दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। सरसंघ चालक डॉ. मोहनराव भागवत ने बैठक की शुरुआत की। डॉ. भागवत ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने और जनता के दुख दर्द दूर करने के लिए संघ हमेशा आगे रहा है। बैठक में उत्तरी क्षेत्र के समस्त राज्यों के पदाधिकारियों ने कोरोना काल में स्वयंसेवकों की ओर से किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में उत्तरी क्षेत्र के 43 पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, इनमें से एक पदाधिकारी बैठक में नहीं आए।
बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत के अलावा सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी भी उपस्थित हुए। उनके समक्ष उत्तरी क्षेत्र के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली व हरियाणा के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के 42 सदस्यों ने बारी-बारी से अपने क्षेत्र की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कोरोना से प्रभावित जन जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, स्वदेशी आदि विषयों पर किए गए कार्यों के बारे में बताया।
डॉ. मोहनराव भागवत ने कहा कि वर्तमान में विश्व के साथ-साथ अपना देश भी कोरोना की चपेट में आया हुआ है। अभी तक संघ ने कोरोना काल में देश वासियों की हरसंभव मदद की है। संघ को इसी तरह भविष्य में भी कार्य करना है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्य पद्धति में प्रतिवर्ष नित्यप्रति चल रहे अपने कार्यों की समीक्षा व आगामी कार्यों की योजना के लिए कार्यकारी मंडल की नियमित बैठक दिवाली के समीप होती है। इसमें प्रांत संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक व ऊपर के दायित्व वाले कार्यकर्ता उपस्थित रहते हैं। इसी कड़ी में गुरुग्राम में संघ की बैठक हुई है। संघ प्रमुख बैठक के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को आगामी वर्ष के दौरान किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।