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भगत सिंह की शहादत और खेल को एक साथ साध रही सरकार

Wed, 23 Mar 2016 03:26 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
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भगत सिंह
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पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर द्वारा जेएनयू के कन्हैया कुमार से भगत सिंह की तुलना के बाद जहां देश भर में बहस छिड़ी हुई है, वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में कुश्ती कराकर उनकी शहादत और खेल को एक साथ साध रही है।
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देश का सबसे बड़ा एक करोड़ रुपये का भारत केसरी दंगल के मंच से सरकार दिखाने की कोशिश कर रही है कि आजादी के इन नायकों के लिए वह कुछ करना चाहती है। एक करोड़ रुपये का ईनाम देकर देश में खेलों का सबसे बड़ा रहनुमा दिखाने की भी कोशिश है।

हरियाणा सरकार शहीदी दिवस में इन नायकों की शहादत को भुनाने में जुटी है। कुश्ती के जरिये इन्हें सम्मान की बात मुख्यमंत्री मनोहर लाल और खेल मंत्री अनिल विज हर मंच से कर रहे हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से इन तीन आजादी के मतवालों के परिवार वालों को शहीदी दिवस पर दंगल के समापन पर बुलाया गया है। इन्हें मंच से सम्मानित करने की भी योजना है।

खेल मंत्री अनिल विज ने तो अंबाला में शहीद-ए-आजम के वंशज यादवेंद्र सिंह संधू के पैर छूकर अपने आपको धन्य बताया था। विज ने घोषणा की है हर साल 23 मार्च को शहीदी दिवस पर एक करोड़ का ईनामी दंगल कराकर इन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

उनको मान सम्मान दिया जाएगा। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। पहली बार इन शहीदों के परिवारों को किसी खेल के आयोजन में बुलाकर सम्मानित किया जा रहा है।

अनिल विज कहते हैं कि बचपन से सुना है कि 'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा। लेकिन, कभी मेला लगते नहीं देखा।'

वक्त के साथ किसी भी सरकार ने शहीदों को सम्मान नहीं दिया है। इन्हें भुला दिया गया। अब प्रदेश सरकार शहीदी दिवस पर इतनी बड़ी कुश्ती कराकर उनकी शहादत के साथ खेल को भी बढ़ावा देना चाहती है। 

हरियाणा सरकार का यह अनूठा प्रयास है। मुझे भी बुलाया गया है। मैं आने की कोशिश करूंगा। इस पहल से अन्य सरकारों को सीख लेनी चाहिए। साथ ही केंद्र को भी कुछ सीखना चाहिए। अभी तक भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सहित हजारों क्रांतिकारियों को सरकारी तौर पर शहीद का दर्जा नहीं मिला है, सरकार को यह गलती सुधार लेनी चाहिए। -यादवेंद्र सिंह संधू, शहीद भगत सिंह के प्रपौत्र
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