उत्तर भारत में भूकंप के झटके
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कोरोना से जंग से बीच कुछ ही दिन पहले अम्फान तूफान ने कहर बरपाया। कोरोना के कारण दुनिया भर में अब तक 3,62,990 लोगों की जान जा चुकी है और भारत में 4704 लोग महामारी से जंग हार चुके हैं। इस बीच अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल में 80 से अधिक लोगों की जान ले ली। 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए इस तूफान ने कोलकाता एयरपोर्ट तक को क्षतिग्रस्त कर दिया। तूफान से तबाही कितनी हुई इसका आकलन अभी होना बाकी है।
मौसम और महामारी
कोरोना महामारी से साथ मौसमी की असामान्य हलचल का कारण पश्चिमी विक्षोभ माना जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र कहते हैं कि अम्फान तूफान या भूकंप भी सामान्य भौगोलिक घटनाएं हैं, जिन्हें सामान्य प्राकृतिक घटनाओं की तरह से ही देखा जाना चाहिए। महापात्रा का मानना है कि आने वाले समय में भी मौसम पूरी तरह सामान्य बना रहने की संभावना है। गर्मी की सामान्य अवधि के बाद पांच जून से देश में बारिश की शुरुआत होगी, जो 30 सिंतबर तक चलती रहेगी। देश की कृषि के लिहाज से वर्षा बिल्कुल सामान्य रहने का अनुमान है।
सावधानी और संयम जरूरी
कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में सोशल डिस्टेंसिंग जैसी व्यावहारिक सावधानी को एक अत्यधिक कारगर अस्त्र के रूप में देखा और बताया जा रहा है। खान-पान में भी पौष्टिक चीजें आवश्यक हैं और साथ ही आहार ऐसा होना चाहिए जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए। लेकिन इसके साथ ही कई मामलों में संयम की भी दरकार है। बदलते मौसम में भी संयम बरतने की जरूरत है।