एम्स की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा खुशबू चौधरी ने मात्र 10-12 मिनट में खुदकुशी करने का फैसला कर लिया था। खुशबू ने अपने दोस्त को खुद ही फोन किया था और उसने इस दोस्त से करीब 10-12 मिनट बात की थी।
दोस्त से बात करने के बाद उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि पहले उसके दोस्त ने उसका फोन नहीं उठाया था। दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ का कहना है कि शुरुआती जांच में रैगिंग जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
छात्रा ने दोस्त से नाराज या किसी बात पर कहासुनी होने पर फांसी लगाई है। दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ ने बताया कि खुशबू ने जिस युवक से बात की थी वह दक्षिण भारत में स्थित एक मेडिकल इंस्टीट्यूट से एमबीबीएस कर रहा है।
खुशबू इस दोस्त को बहुत ज्यादा पसंद करती थी
उसने खुशबू के साथ राजस्थान में एमबीबीएस की कोचिंग की थी। तभी से दोनों में जान पहचान थी। बताया जा रहा है कि दोनों में अच्छी दोस्ती थी। इस दोस्त का खुशबू के घर में भी आना जाना था।
ये भी बताया जा रहा है कि खुशबू इस दोस्त को बहुत ज्यादा पसंद करती थी और उसे लगातार कॉल करती रहती थी। हालांकि दोस्त उसके ज्यादातर फोन उठाता नहीं था।
खुदकुशी करने से पहले छात्रा ने दोस्त को फोन किया था, जब दोस्त ने फोन नहीं उठाया था तो दोस्त को मैसेज भेजा था। छात्रा ने उसे मैसेज में लिखा, ‘प्लीज पिक माई फोन..प्लीज कॉल मी’। इसके बाद खुशबू की दोस्त से बात की थी।
मौके से कोई सुइसाइड नोट नहीं मिला था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस दोस्त से अभी पूछताछ नहीं हुई। इससे पूछताछ के बाद ही पता लगेगा कि खुशबू ने खुदकुशी जैसा कदम क्यों उठाया था।
हौजखास थाने की एक पुलिस टीम जल्द ही बीकानेर, राजस्थान स्थित खुशबू के घर जाएगी। पुलिस को मौके से कोई सुइसाइड नोट नहीं मिला था।
गौरतलब है कि एम्स से एमबीबीएस कर रही प्रथम वर्ष की छात्रा खुशबू चौधरी ने शनिवार रात को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।