आज के समय में फिटनेस ट्रेनर शब्द से 70-80 प्रतिशत लोग वाकिफ हैं, लेकिन क्या हमें इनका सही मतलब पता है? क्या वह कोई भी शख्स जो हमें जिम में एक्सरसाइज कराए वो ट्रेनर होता है?
तो इन सभी सवालों का जवाब है नहीं। फिटनेस ट्रेनर सनी राजपूत इस बारे में कहते हैं कि असल में फिटनेस ट्रेनर वह होता है जो आपसे आपकी दिनचर्या के बारे में पूछे। जो आपकी मेडिकल अवस्था के बारे में पूछे। ये सब जानने के बाद आपकी डाइट बनाए। यही नहीं आपकी उम्र, आपकी ज़रूरत को ध्यान में रखकर आपके लिए सही कसरत चुने।
हम चाहें तो गूगल या यूट्यूब पर देख कर एक्सरसाइज कर सकते हैं और शायद करते भी हैं लेकिन फिर भी लगभग सत्तर प्रतिशत लोग जिम जाते हैं और खुद को पूरी तरह ट्रेनर को सौंप देते हैं क्योंकि हमें उन पर भरोसा है।
बी.पी., शुगर, प्रेगनेंसी जैसी मेडिकल अवस्थाओं को ध्यान में रख कर सही व्यायाम कराना एक अच्छे फिटनेस ट्रेनर की निशानी है। क्या कराना चाहिए और इससे भी ज्यादा ज़रूरी ये है कि क्या नहीं कराना चाहिए। इन सब बातों का ध्यान जो ट्रेनर रखता है असल में वही फिटनेस ट्रेनर कहलाता है।
एक बेहतर ट्रेनर के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है क्योंकि फील्ड सीधे आपके शरीर और स्वास्थ्य से जुड़ा है। ऐसे में फिटनेस ट्रेनर चुनते समय उसकी एजुकेशन डिग्री और स्पेशलाइजेशन जरूर देखें। साथ ही उसके पुराने रहे क्लाइंट की भी पूरी जानकारी लें। इसलिए सही फिटनेस ट्रेनर चुनना आपकी जि़म्मेदारी है।