कोरोना महामारी के दौरान बीते पांच माह में ग्रेटर नोएडा में बीयर के शौकीनों की संख्या कम हुई है। बीयर की बिक्री में 30 फीसदी तक कमी आई है। वहीं देशी शराब की बिक्री 15 फीसदी तक बढ़ गई है।
अंग्रेजी शराब की बिक्री लॉकडाउन से पहले की तरह होने लगी है। गौतमबुद्ध नगर जनपद में शराब की बिक्री से हर माह 70 से 80 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति होती है। कोरोना महामारी के दौरान दो माह तक शराब के ठेके बंद रहने से बिक्री ठप हो गई थी।
ठेके खुलने के बाद बिक्री में इजाफा हुआ है। अंग्रेजी शराब की बिक्री पहले के बराबर पहुंच गई है। हर माह करीब छह लाख बोतलों की बिक्री हो रही है। वहीं कोरोना काल में लोग ठंडे पेय पदार्थों से परहेज कर रहे हैं। डॉक्टर भी ऐसी सलाह दे रहे हैं।
इसका असर बीयर की बिक्री पर पड़ा है। बीयर की बिक्री 18 लाख केन से घटकर 12 लाख केन पर आ गई है। वहीं देशी शराब की बिक्री में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। अगस्त माह में देशी शराब की बिक्री 15 फीसदी अधिक हुई है।
आबकारी विभाग देशी शराब की बिक्री बढ़ने के कारणों को पता लगाने में जुटा है। हरियाणा से शराब की तस्करी कम होना भी इसका कारण बताया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि हरियाणा से जनपद में शराब की तस्करी पर काफी हद तक रोक लगी है। जिससे देशी शराब की बिक्री बढ़ी है। वहीं बीयर की बिक्री में 30 फीसदी तक गिरावट आई है।