बाढ़, आग, परिवहन के दौरान दुर्घटना और महामारी से होने वाले नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल किया है। इससे मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
योजना का लाभ लेने के लिए भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण अनिवार्य होगा। डीसी उत्तम सिंह ने बुधवार को बताया कि बाढ़, आग, परिवहन दुर्घटना और महामारी से होने वाले नुकसान पर बीमा कवर मिलेगा। परिवहन दुर्घटना हरियाणा के भीतर होने पर एफआईआर या डीडीआर दर्ज कराना आवश्यक है। एक मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 कॉलोनियों और 250 बक्सों का बीमा करा सकता है। प्रत्येक बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिट नंबर देना भी अनिवार्य है। डीसी ने पालकों से योजना का लाभ उठाने की अपील की। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी या टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क कर सकते हैं।