व्यापारियों ने ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ शासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। व्यापारिक संगठनों और वाणिज्य कर विभाग की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। ताकि प्रदेश सरकार जल्द इस ओर निर्णय लेकर नई गाइडलाइन जारी कर सके।
डिस्ट्रीब्यूटरों को फायदा देते हुए मोबाइल कंपनियाें ने ऑनलाइन शॉपिंग पर से दिवाली स्कीम हटा दी है। शोरूम से महंगे मोबाइल हैंडसेट खरीदने पर फाइनेंस की सुविधा ग्राहकाें को दी जा रही है।
ऑनलाइन कंपनियों के पांव पसारने से परंपरागत इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, मोबाइल, रेडीमेड गारमेंट का कारोबार प्रभावित हो गया है। शोरूम सूने पड़े हैं। मार्केट से ग्राहक गायब हैं।
डिस्ट्रीब्यूटरों के दबाव ने कई कंपनियों को ऑनलाइन कंपनियाें के लिए अलग से गाइडलाइन बनाने पर विवश कर दिया है। विक्रेता भी अपने स्तर से आंदोलन छेड़े हुए हैं।
कुछ व्यापारियों ने ऑनलाइन कंपनियों पर अंकुश लगाने के लिए वाणिज्य कर विभाग को भी प्रस्ताव दिया है। विभाग के एडिशनल कमिश्नर आरएस त्रिपाठी ने बताया कि जितने प्रस्ताव आए थे उसे मुख्यालय भेज दिया गया है। मुख्यालय से कमिश्नर के आदेश के बाद कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन शॉपिंग से हटाई दिवाली स्कीम : प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों ने ऑनलाइन कंपनियों पर से दिवाली स्कीम को हटा लिया है।
मोबाइल विक्रेता अंकित जैन ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग पर एचपी कंपनी अपने टैब पर वारंटी और एक्सेसरीज नहीं दे रही है। इन एक्सेसरीज की कीमत करीब तीन हजार रुपये है।