कंझावला डीटीसी डिपो में तैनात कंडक्टर भाई की पिटाई का बदला लेने के लिए दलजीत राणा ने साथी के साथ मिलकर पूरन की हत्या कर दी थी। पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-24 स्थित दीपा कॉलोनी से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पिस्टल व चार कारतूस बरामद किए गए।
स्पेशल सेल के उपायुक्त के अनुसार दलजीत का भाई दीपक डीटीसी में कंडक्टर है। वहीं पूरन अवैध शराब की सप्लाई करता था। पुलिस ने उसे अवैध शराब के साथ पकड़ लिया था। पूरन को संदेह था कि दीपक की मुखबिरी के कारण वह पकड़ा गया।
इसके बाद पूरन व उसके साथियों ने 10 नवंबर को कंझावला डीटीसी डिपो से घर लौट रहे दीपक का अपहरण कर लिया था। वे उसे बहादुरगढ़ ले गए और वहां उसकी जमकर पिटाई की थी। इस संबंध में कंझावला थाने में मामला दर्ज किया गया था।
दलजीत को जब दीपक की पिटाई के बारे में पता चला तो उसने पूरन से बदला लेने की ठान ली। 18 नवंबर को दलजीत व उसके साथी प्रदीप ने पूरन को अवैध शराब लेने के लिए मुकरबा रोड पर बुलाया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या का मामला दर्ज कर अमन विहार थाना पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही थी। रविवार को एक सूचना पर आरोपी दलजीत को पकड़ लिया गया। घेवरा निवासी दलजीत (30) ने एनआईआईटी की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। इसके बाद वसंत विहार स्थित एक कॉल सेंटर में काम करने लगा था। डेढ़ साल नौकरी करने के बाद वह खेतीबाड़ी करने लगा था।