फरीदाबाद में अरावली और यमुना के किनारे वाले क्षेत्र में रहने वाले अजगर अब आबादी की तरफ भागने लगे हैं।
जिसका सबसे बड़ा कारण वन क्षेत्रों में तेजी से क्रंकीट के जंगल खड़े होना है। विभाग के पास पिछले डेढ़ माह में अजगर मिलने की दर्जन भर से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। जिसमें विभाग द्वारा अजगर को पकड़ा गया है।
विभाग के अनुसार अभी तक अजगर ने किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है। लेकिन लोगों के भीतर खौफ पैदा हो गया है। अजगर अरावली क्षेत्र से निकलकर आगरा नहर के किनारे अपना ठिकाना बना रहे हैं।
जिससे आगरा नहर के किनारे खेती वाले लोग भी खतरा महसूस कर रहे हैं। वन्य जीव सुरक्षा विभाग के इंस्पेक्टर डेलचंद सागर ने बताया कि सोमवार को ही फतेहपुर गांव में अजगर होने की सूचना मिली थी।
टीम ने अजगर को पकड़कर अरावली वन क्षेत्र में छोड़ दिया। पिछले सप्ताह ही पाली में भी अजगर पाया गया था। उन्होंनें बताया कि आगरा नहर के पास रहने से अजगरों को मछलियां व अन्य जलीय जन्तु खाने के लिए मिल जाते हैं। जिससे भोजन की तलाश में आगरा नहर के किनारे ही अजगर अधिकतर अपना ठिकाना बनाता रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आबादी बढ़ने के साथ ही कंक्रीट के जंगल भी बढ़ रहे हैं। इससे वन्य जीवों पर खतरा मंडरा रहा है। डेलचंद के अनुसार अरावली के आसपास के गांव वालों को अजगरों से सर्तक रहने को कहा गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि अगर उन्हें अजगर कहीं दिखाई देता है तो वह तुंरत विभाग को सूचित करें। अजगर पर हमला करके उसे मारने का प्रयास न किया जाए।