आग लगने की जानकारी मिलते ही उत्तरी दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल के साथ-साथ आसपास के सभी निगम पार्षद मौके पर पहुंच गए।
वहां पहुंचने के बाद उन लोगों ने हालात का जायजा लिया। फैक्टरी में काम करने वाले लोगों और हादसे में मारे गए लोगों के परिवार वालों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।
प्लास्टिक के साथ-साथ बन रहे थे पटाखे
अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि जिस फैक्टरी में आग लगी, वहां प्लास्टिक का काम किया जा रहा था, लेकिन बताया जा रहा है कि यहां पर अवैध रूप से पटाखे भी बनाए जा रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखे की फैक्टरी होने की वजह से ही आग तेजी सेे फैली और लोगों को भागने का मौका नहीं मिला।
कब-कब आगजनी
वर्ष मौत घायल
2016-17 277 1987
2015-16 339 2099
2014-15 291 2068
2013-14 72 2299
2012-13 285 1979