गुड़गांव के हाईप्रोफाइल दुष्कर्म मामले को लेकर हरियाणा पुलिस के दो आईपीएस अफसरों की लड़ाई बुधवार को दिल्ली पहुंच गई। यहां पर हाईप्रोफाइल दुष्कर्म के आरोपी अजय भारद्वाज समेत कुछ अन्य लोगों ने दिल्ली में प्रेसवार्ता कर कहा कि वे गुड़गांव पुलिस कमिश्नर नवदीप विर्क से पीड़ित हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुड़गांव पुलिस कमिश्नर उन्हें झूठे मामलों में फंसा रहे हैं। सभी कथित पीड़ितों ने मांग की उनके मुकदमों की सीबीआई जांच कराई जाए, तभी उन्हें न्याय मिलेगा। विर्कके गुड़गांव पुलिस कमिश्नर रहते हुए उन्हें न्याय नहीं मिल सकता।
प्रेसवार्ता में अजय भारद्वाज ने कहा कि गुड़गांव पुलिस ने उनके व परिवार खिलाफ सात झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। दो मामले नवदीप विर्क केगुड़गांव पुलिस कमिश्नर बनने से पहले के हैं, जबकि पांच मामले विर्क के गुड़गांव पुलिस कमिश्नर बनने के बाद दर्ज किए गए हैं।
पीड़िता ने पति के भाई के खिलाफ दर्ज कराया था मामला
अजय की बहन चंचल भारद्वाज ने कहा कि जिस दुष्कर्म पीड़िता को लेकर विवाद चल रहा है, उसकी ओर से अलग-अलग लोगों के खिलाफ दुष्कर्म व छेड़छाड़ के तीन मामले दर्ज किए गए हैं। पीड़िता ने अपने पहले पति के भाई के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था।
इस मामले में समझौता होने पर पीड़िता ने 40 लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा पीड़िता ने दिल्ली में रहने वाले एनआरआई मनशेर सिंह घुम्मन के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। मामले को रफा-दफा करने के लिए करोड़ों रुपये की मांग की गई।
चंचल ने आरोप लगाया कि गुड़गांव पुलिस ने तीन जून को उसका अपहरण किया। उसने पांच जून को पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। ये सब पुलिस की मिलीभगत से हुआ। गुड़गांव पुलिस अगर जांच करेगी तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
बलात्कार के झूठे केस में फंसाया था
इसके अलावा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेसवार्ता में राहुल व विशाल गुप्ता नाम के दो व्यक्ति भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे गुड़गांव पुलिस कमिश्नर नवदीप विर्क से पीड़ित हैं।
करनाल निवासी विशाल गुप्ता ने कहा कि विर्क ने उसे व उसके परिवार को बलात्कार के झूठे केस में फंसाया था। अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था साथ ही विर्ककेखिलाफ जांच के आदेश दिए थे।
जांच हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने की थी, इस कारण विर्क को क्लीन चिट दे दी गई। विशाल गुप्ता ने पुलिस कमिश्नर पर कई और गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विर्क की एक बेनामी कंपनी है जिसमें उनकी रिश्वत की कमाई लगी हुई है।
दुष्कर्म पीड़ित ने भारती अरोड़ा को भेजा नोटिस
आईपीएस विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। दुष्कर्म पीड़ित ने अपने वकील के माध्यम से संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा को अलग-अलग आरोपों के तहत बुधवार को लीगल नोटिस भेजा है। दो सप्ताह में उसका जवाब न देने पर मानहानि का केस कर दिया जाएगा।
दुष्कर्म पीड़ित के वकील प्रदीप शर्मा ने बताया कि भारती अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए पीड़ित का नाम टीवी चैनलों को दी गई बाइट में सार्वजनिक कर दिया। इसके साथ ही एक हिंदी दैनिक ने भारती के हवाले से पुलिस आयुक्त और दुष्कर्म पीड़ित के बीच संबंधों को लेकर खबर छापी है, जिससे उसे ठेस पहुंची है।
शर्मा का कहना है कि संयुक्त पुलिस आयुक्त ने सरकारी कर्मचारी होकर दुष्कर्म के आरोपी अजय भारद्वाज का साथ दिया है क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शर्मा ने यह भी कहा है कि रोड सेफ्टी अफसर (आरएसओ) अभिनव को पीड़ित महिला के घर भेजकर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया था, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। इस बारे में जब भारती अरोड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘मुझे अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। महिला ने मेरी छवि को धूमिल किया है। मैं उसे खुद लीगल नोटिस भिजवा रही हूं।’