-चौराहा बंद होने के बाद सिग्नल-फ्री सड़क बनी मुसीबत, बीच सड़क सवारी बैठाने से बढ़ा हादसों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली।
शास्त्री पार्क चौराहे पर बनाए गए फ्लाईओवर के नीचे सिग्नल-फ्री यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। बीच सड़क पर ई- रिक्शा खड़े होने के कारण रोजाना जाम की समस्या पैदा हो रही है।
बड़ी संख्या में बैटरी रिक्शा चालक एक जगह खड़े रहते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और ट्रैफिक धीमा पड़ जाता है। कई बार रिक्शा के बीच सड़क खड़े होने के कारण एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन जाम में फंस जाते हैं। लोगों ने बताया कि एक ही जगह पर बड़ी संख्या में बैटरी रिक्शा चालकों के जमा होने के कारण कई बार राहगीरों और वाहन चालकों के साथ दुर्व्यवहार भी करने लग जाते हैं। विरोध करने पर कई रिक्शा चालक बहस और अभद्रता करते हैं और कुछ मामलों में नौबत मारपीट तक पहुंच जाती है।
ऑफिस जाने के समय यहां रोज जाम मिलता है। रिक्शा चालक बिना देखे बीच सड़क पर रुक जाते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है।
बाइक चालक, दीपक कुमार
शास्त्री पार्क से निकलने में अब पहले से दोगुना समय लगने लगा है। बीच सड़क पर खड़े बैटरी रिक्शा पूरे ट्रैफिक को रोक देते हैं।
कार चालक संजीव कुमार
अगर कोई व्यक्ति रिक्शा चालकों को हटने के लिए कह दे तो कई बार बहस शुरू हो जाती है। कुछ लोग बदतमीजी भी करते हैं। यहां ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है।
राहगीर, अमित ठाकुर
आईएसबीटी बस स्टॉप तक पहुंचने में भी परेशानी होती है। सड़क पर हर तरफ रिक्शा खड़े रहते हैं और कई चालक जबरदस्ती बुलाने लगते हैं।
कॉलेज छात्र पुनीत कुमार