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फर्जी अकाउंट पर ट्वीट कर फंसे बस्सी, खूब उड़ी खिल्ली

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जेएनयू मामले को जिस तरह दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने संभाला उसे लेकर इन दिनों उनकी चारों ओर चर्चा हो रही है। पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया की पेशी के दौरान पूरी दिल्ली पुलिस का जो रुख रहा उससे बस्सी सवालों के घेरे में घिरे हुए ही थे कि आज उनके अपने ही एक ट्वीट ने फिर से उन्हें सोशल मीडिया पर हंसी का पात्र बना दिया।
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बता दें कि आज एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार के एक पैरोडी अकाउंट से किए गए एक ट्वीट पर जिस तरह उन्होंने जवाब दिया और रवीश व मुख्यमंत्री केजरीवाल को टैग कर ट्वीट किया उसके बाद तो सोशल मीडिया पर उनकी खूब खिंचाई हुई जिसके बाद उन्होंने अपना ट्वीट ही डीलीट कर दिया।

उन्होंने रवीश के पैरोडी अकाउंट पर किए गए कमेंट पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'मैं संविधान, राष्ट्र, सच के प्रति प्रतिबद्ध हूं। अपने आप की तारीफ करने वालों अच्छा होगा कि आप खुद की समीक्षा करें।'
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रवीश कुमार के पैरोडी अकाउंट से बस्सी पर उठे थे सवाल

बस्सी के ट्वीट के बाद तो ट्विटर पर उनके ट्वीट पर रिप्लाई करने वालों की बाढ़ लग गई। बता दें कि रवीश के उक्त पैरोडी अकाउंट बहुत सक्रिय रहता है और रवीश कुमार का जो असली अकाउंट है वो पिछले साल अगस्त से ही निष्क्रिय है। यानी उस पर कोई ट्वीट नहीं किया जा रहा है।

बता दें कि रवीश के पैरोडी अकाउंट ने बीएस बस्सी को टैग करते हुए लिखा था कि, 'बस्सी जब कहते हैं कि उनकी कमिटमेंट खाकी के प्रति है, तो समझ नहीं आता कि वो वर्दी की बात कर रहे हैं या निक्कर की #देशभक्ति_के_नुस्खे'।

बता दें कि इससे पहले भी जेएनयू मामले में ही एक फेक ट्विटर अकाउंट की वजह से ही बस्सी को बहुत फजीहत झेलनी पड़ी थी क्योंकि उनकी वजह से ही गृहमंत्री ने जेएनयू विवाद के ‌पीछे लश्कर के सरगना हाफिज सईद का हाथ बताया था।
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