फरीदाबाद शहर की बेटी प्रियंका मंगला मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम से इतनी प्रभावित हुई कि उनकी तरह बनने की ठान ली। परिवार एवं शिक्षकों के सहयोग से इसका चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में इलेक्ट्रॉनिक साइंटिस्ट पद के लिए हुआ है। इसके लिए इन्हें प्रति माह एक लाख रुपये का वेतन मिलेगा। प्रियंका यहां पर उपग्रहों, प्रमोचक यानों, परिज्ञापी रॉकेटों और भू-प्रणालियों को लेकर नई-नई शोध करेंगी।
इंद्रा कॉलोनी की रहने वाली 23 वर्षीय प्रियंका ने मई 2016 में आईसीआरबी (इसरो सेंट्रालाईज्ड रिक्यूप्मेंट फॉर द पोस्ट ऑफ साइंटिस्ट) की परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में 216 पद के लिए देशभर से 56 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। मार्च में घोषित परिणाम में प्रियंका का चयन हुआ है।
प्रियंका ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा परिणाम देख लिया था। उसके बाद इसरो से भी फोन पर चयन की सूचना दी गई। मई में नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। इसके बाद बैंगलुरू स्थित इसरो मुख्यालय में एक माह का प्रशिक्षण होगा। प्रियंका के पिता कमल कुमार की स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। माता कमलेश गृहिणी है।
प्रिंयका एलकेजी से लेकर 12वीं कक्षा तक सेक्टर-9 स्थित डिवाईन पब्लिक स्कूल की विद्यार्थी रही। इसके बाद मानव रचना से इलेक्ट्रिनक एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
प्रियंका का कहना है कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है। इसके लिए कठिन परिस्थितियां भी आपके सामने आएगी, लेकिन उसका द़ृढ़ता से सामना करना पड़ता है। शुरू से वैज्ञानिक शोधकर्ता बनने की इच्छा ने मुझे अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ाया।