कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बोलने के लिए पार्टी में अनुशासहीनता के लिए कांग्रेस से 6 साल के लिए निकाली गई बरखा शुक्ला सिंह ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है। बता दें कि उन्हें बीजेपी के उपाध्यक्ष श्याम जाजू और नेता विजय गोयल ने भाजपा में शामिल कराया। बरखा सिंह दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष भी हैं। आगे पढ़िए कैसे कार्यालय से सामान निकालने के लिए बरखा को बुलानी पड़ी पुलिस...
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कार्यालय खाली कराने को बुलानी पड़ी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने शुक्रवार को दिल्ली महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। एमसीडी चुनाव से ठीक पहले पार्टी विरोधी गतिविधि करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। इसके लिए एक प्रस्ताव भी पास किया गया।
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बरखा शुक्ला का लगेज ले जाता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्रनाथ की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति में प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष आभा चौधरी, महमूद जिया और सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। अनुशासन समिति की एमसीडी चुनाव के दौरान ये दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले एक ब्लॉक अध्यक्ष को पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए निकाला था।
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बरखा का लगेज ले जाता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, दूसरी तरफ डीडीयू मार्ग स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की चौथी मंजिल पर बने महिला कांग्रेस दफ्तर से पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह को अपना सामान उठवाने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। उनकी कार्यालय सचिव आशा आहूजा ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया कि बरखा शुक्ला सिंह के दफ्तर में उनका निजी सामान रखा है लेकिन दफ्तर में मौजूद लोग खोलने नहीं दे रहे हैं। इसके बाद पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया।
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बरखा शुक्ला का सामान ले जाता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस दफ्तर में सामान लेने पहुंची बरखा शुक्ला सिंह की निजी सहायक ने कहा कि जब महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया है तो निजी सामान निकालने में क्या दिक्कत है। फिर सामान के लिए छोटा टेंपो बुलाया गया, जिसमें कंप्यूटर, छोटा फ्रिज, एक आलमारी व कुछ अन्य सामान लादकर ले गए।
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बरखा शुक्ला
- फोटो : सोशल मीडिया
राहुल गांधी ने साबित किया, कांग्रेस उनके परिवार की जमींदारी: बरखा शुक्ला
दिल्ली महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने शुक्रवार को पार्टी से निकाले जाने पर फिर राहुल गांधी पर हमले किए। बरखा ने कहा, राहुल गांधी के खिलाफ आवाज उठाना क्या पार्टी विरोधी गतिविधि है? राहुल गांधी ने फिर साबित करने की कोशिश की है कि कांग्रेस पर उनके परिवार की जमींदारी है। क्या वह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस का मतलब गांधी परिवार है और गांधी परिवार ही कांग्रेस है?
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barkha shukla
बरखा सिंह ने बयान जारी करके कहा है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से उन्हें निकाला जाना गैर कानूनी है। इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। मैंने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं बोला। राहुल गांधी को पार्टी के विषय में शिक्षित करना चाहिए कि 1885 में अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पार्टी बनी। बरखा ने यहां तक कहा कि ये पार्टी किसी एक परिवार की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है।
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barkha shukla
- फोटो : सोशल मीडिया
राजनीतिक दल है जिसे रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट 1951 के तहत पंजीकृत किया गया है। कांग्रेस ऐसा फोरम है जहां राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अलग-अलग राय और विचार वाले लोग चर्चा करते हैं। यहां किसी एक तरह की मानसिकता या एक परिवार की मानसिकता की जगह नहीं होती। प्रत्येक सदस्य को अपनी राय रखने की स्वतंत्रता पार्टी में अंदरुनी लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।
यहां तक कि पार्टी ने पिछले 17 साल से चुनाव नहीं कराया है। राहुल गांधी जानबूझकर संगठन के चुनाव में देरी कर रहे हैं। राहुल गांधी उपाध्यक्ष पद के लिए चुने भी नहीं गए हैं। मैं इसके खिलाफ चुनाव आयोग में एक याचिका दाखिल करने जा रही हूं। कांग्रेस मेरी भी उतनी ही है जितनी हर कार्यकर्ता की है। बरखा सिंह ने कहा, इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चस्व के आगे विपक्ष की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी की मानसिक और राजनीतिक अक्षमता के कारण कांग्रेस मजबूत विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पा रही है।