उत्तर-पश्चि दिल्ली के मौर्या एंक्लेव में बुधवार दोपहर बैंक ऑफ बड़ौदा में लगी आग में बैंक अधिकारी की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त विपुल बक्शी (29) के रूप में हुई है। हादसे के दौरान तीन मंजिला बैंक की इमारत में रखा पूरा सामान जल गया।
आग में विपुल पहली मंजिल पर फंस गए। खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से बिल्डिंग में फंसे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला। दमकल की आठ गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मौर्या एंक्लेव पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। विपुल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाबा भीमराव अंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया है। हादसा दोपहर करीब 2.00 बजे हुआ। पहली मंजिल पर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पहली और दूसरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया और धुआं ही धुआं भर गया।
कुछ लोगों दूसरी बिल्डिंग पर कूदकर अपनी जान बचाई।
हादसे के समय बैंक में 40 से 50 कर्मचारियों के अलावा 15-20 ग्राहक मौजूद थे। खबर मिलते ही बीट कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए।
किसी तरह बैंक कर्मियों और ग्राहकों को बैंक से बाहर निकाला गया। कुछ लोगों ने छत पर पहुंचकर दूसरी बिल्डिंग पर कूदकर अपनी जान बचाई।
मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दोपहर करीब 2.50 बजे आग पर काबू पाया। जांच के दौरान पहली मंजिल से बैंक में तैनात पीओ (प्रोबेसनरी ऑफिसर) विपुल बक्शी का शव बुरी तरह जला हुआ बरामद हुआ।
विपुल आग में फंस कर बेहोश हो गए
आशंका व्यक्त की जा रही है कि हादसे के समय विपुल आग में फंस कर बेहोश हो गए। बाद में वह आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर बी.बी बहल ने बताया कि मूलरूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले विपुल सात-आठ माह से उनकी शाखा में तैनात थे।
इससे पूर्व वह शक्ति नगर की शाखा में थे। वह पीतमपुरा के एस-ब्लॉक में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। इधर मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में लगता है कि पहली मंजिल के एसी में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। मामले की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक अधिकारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, मामला दर्ज कर आग के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
लोगों को बचाया लेकिन खुद को नहीं बचा सका
बैंक में मौजूद लोगों का कहना था कि हादसे के समय विपुल बैंक की पहली मंजिल पर मौजूद था। जैसे ही आग लगी उसने लोगों को नीचे की ओर भेजना शुरू कर दिया। जान की परवाह न किया हुए विपुल ने कई लोगों को जीने से नीचे भेजा। इधर, आग अचानक बैंक के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आशंका व्यक्त की जा रही है कि विपुल उसी आग की वजह से उसमें फंस गया। इधर बैंक के बाहर मौजूद लोगों का कहना था कि स्थानीय पुलिसकर्मियों ने भी जान पर खेलकर कई लोगों को बैंक से बाहर निकाला। कुछ लोगों को छत पर भेजकर बराबर वाली बिल्डिंग में कुदा दिया।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैंक में अंदर जाने का रास्ता बेहद संकरा है। ऐसे में समय रहते ज्यादातर लोगों को निकाल लिया गया।
अगर आग और तेजी से फैली होती तो शायद हादसे में और लोगों की जान जा सकती थी। मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ माह पूर्व बैंक के मुख्य दरवाजे को खत्म कर वहां पर एटीएम लगा दिया गया है। बैंक की एंट्री पीछे के रास्ते से कर दी गई, जो बिल्डिंग के हिसाब से छोटा है।