दाद देनी होगी बैंक कर्मियों की, बीमार होने के बाद भी बैंक संबंधी सभी कामों को निपटा रहे हैं। उनको अपनी परेशानी का नहीं बल्कि लोगों की चिंता सता रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1000 व 500 से नोटों को बंद करने के बाद से शहर के बैंकों की बैंकों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। पांच सौ व एक हजार के नोट बदलवाने तथा इस करेंसी के पुराने नोटों को बैंक में जमा करवाने के लिए लोगों की भीड़ बैंकों में लगी हुई है।
हालांकि अब लोगों की अंगुली पर स्याही लगने के काम की शुरुआत होने के बाद व एसडीएम अनीश यादव द्वारा टोकर सिस्टम शुरु करने के बाद बैंकों में भीड़ कुछ कम दिखाई दे रही है। लेकिन फिर भी बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए काम तो ज्यादा हो ही गया है।
भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक कैलाश मीणा, हैड एकाउंटेंट राजिंद्र खरेरा बीमार होने के बाद भी बैंक में काम कर रहे हैं। राजिंद्र खरेरा जहां एक ओर कमर के दर्द से कराह रहे हैं वहीं दूसरी ओर कैलाश मीणा को बुखार हो रहा है। इन दोनों ही अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी योजना को सफल बनाने तथा लोगों की परेशानी का प्राथमिकता से समाधान करने से उनको मानसिक एवं आत्मिक शांति मिलती है। कुछ दिन की बात है सबकुछ पटरी पर आ जाएगा।
श्री श्याम सखा मंडल के प्रधान मनोज तायल, शिव मंदिर विकास समिति के प्रधान अनिल गोयल, मेवात क्षेत्र गोशाला समिति के सचिव जगदीश प्रशाद गुप्ता, श्रीरामलीला कमेटी के प्रधान राजकुमार चुटानी ने सभी बैंक कर्मियों की प्रशंशा करते हुए कहा कि जिस तरह से वर्क लोड़ काफी ज्यादा होने के बाद भी वह बखूबी काम कर रहे हैं वह सराहनीय है।