पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के बावजूद शाखा खुलने के कुछ देर बाद नो कैश का नोटिस लगाने वाले बैंकों की निगरानी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने शुरू कर दी है। हजार और पांच सौ के नोट बंद करने के पीएम के ऐलान के बाद पुराने नोटों को नए नोट से बदलने और बैंक खुलते ही नौ कैश का बोर्ड लगाने वाले बैंकों की अब खैर नहीं।
लापरवाही बरतने वाले सभी बैंकों पर अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी नजर रखेंगे और जांच करेंगे। ऐसे में अपनी ड्यूटी से लापरवाही कर रहे कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में खुफिया विभाग तेजी से जुट गया है।
गड़बड़ी में निजी बैंक आगे
खुफिया विभाग के अधिकारी के अनुसार शुरूआती जांच में सबसे ज्यादा लापरवाही निजी बैंकों में देखने को मिली है। जहां लोगों को काफी परेशानी हो रही है। विभाग को केन्द्र सरकार से आई एडवाईजरी में 21 बिंदुओं पर जांच करनी है और रिपोर्ट बनाई है। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी लाजमी है।
इन बिंदु पर होगी जांच
बैंक में कितना कैश आया, लॉ एंड आर्डर, आरबीआई की नियमानुसार कैश का वितरण करना, बुजुर्गों के लिए अलग से लाइन होना, लोगों से बातचीत करना, सुविधाएं देखना। इनके सहित 21 मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसी के आधार पर बैंकों में छापेमारी और कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मियों की भी होगी जांच
नोटबंदी के आदेशों के बाद बैंकों में पुरानी करेंसी से नई करेंसी को बदलवाने में जिन पुलिसकर्मियों ने अपना रुतबा दिखाया है, उनकी भी जांच होगी। इसके साथ-साथ निजी बैंकों में कॉरपोरेट अकांउट होल्डर की भी जांच की जाएगी, जिन्होंने बैंक से नकदी प्राप्त की है।