चुनावी सरगर्मी के बीच आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से शिकायत की है कि बनारस में AAP को प्रचार करने की इजाजत नहीं मिल रही है।
आरोप है कि जिला प्रशासन ने ऑटो पोस्टर और लाउडस्पीकर जैसे कम खर्च वाले माध्यमों से प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश पर रोक लगा दी गई है।
इसके साथ ही तीन अन्य शिकायतों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण ने बृहस्पतिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत से मुलाकात की।
मोदी के खिलाफ उतरे हैं केजरी
पहली शिकायत में भूषण ने आरोप लगाया कि बनारस में ‘आप’ को कम खर्च पर प्रचार नहीं करने दिया जा रहा है। वहां न तो वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत मिल रही है, न ही ऑटो पर पोस्टर लगाने दिया जा रहा है।
भूषण का कहना है कि बैनर लगाने की इजाजत तो है लेकिन खर्चा ज्यादा होने से ‘आप’ इस तरह का प्रचार नहीं कर सकती।
भूषण की अपील है कि बनारस के चुनाव अधिकारी को निर्देश जारी कर ‘आप’ के प्रचार के तरीकों पर लगाई गई रोक हटाई जाए। मालूम हो कि बनारस सीट पर AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल पार्टी के प्रत्याशी हैं।
मोइली और एक्जिट पोल का भी मामला
दूसरी शिकायत पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली से संबंधित है। बुधवार को भूषण ने खुलासा करते हुए आरोप लगाया था कि मोइली चुनावी मौसम में एस्सार और रिलायंस इंडस्ट्री को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
भूषण ने इस मामले में आयोग से उपयुक्त कदम उठाने की मांग की है। तीसरी शिकायत 14 अप्रैल को एक निजी न्यूज चैनल पर दिखाए गए ओपिनियन पोल से जुड़ी है।
भूषण का कहना है कि वोटिंग प्रक्रिया जारी होने पर इस तरह का सर्वे दिखाना एक्जिट पोल की कटेगरी में आता है। इससे लोगों की राय प्रभावित होती है। आयोग को इस बारे में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
मतदान में हुआ बड़ा हेरफेर!
आखिरी मामले में भूषण की शिकायत है कि दस अप्रैल को वोटिंग के दिन गुड़गांव में 110 बूथ कैप्चर किए गए। इस संबंध में पार्टी के पास तस्वीरें और ऑडियो क्लिप हैं।
सभी दस्तावेज हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंप दिया गया है। वहीं, बिहार और झारखंड में ‘आप’ कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों पर ध्यान देने की अपील आयोग से की है।
उनका कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं व प्रत्याशियों को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराई जाए।