बढ़ते प्रदूषण के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को तरजीह दी जा रही है। इसी क्रम दिल्ली सरकार 106 शटल बसें चलाएंगी। मेट्रो भी 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल समेत राष्ट्रीय महत्व की दूसरी परियोजनाओं को छोड़कर हर तरह की निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी। वहीं, बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चारपहिया वाहन नहीं चलेंगे। व्यवस्था का पालन करवाने के लिए परिवहन विभाग की 84 और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीमें तैनात की गई हैं।
शुक्रवार को ग्रैप-3 लागू होने के बाद के हालात की समीक्षा करने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। गोपाल राय के मुताबिक, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की जा रही है। दिल्ली में निजी निर्माण एवं विध्वंस कार्यों पर रोक लगा दी गई है। मानक पूरा न करने वाले वाहनों पर पाबंदी रहेगी। अगर इसका कोई उल्लंघन करता है तो 20,000 रुपये जुर्माना लगेगा। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चल रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर सुबह छह बजे से चार बजे शाम तक कर दिया गया है।
इन परियोजनाओं को मिली छूट
मेट्रो व रेल सेवाओं और स्टेशनों की परियोजनाएं, एयरपोर्ट और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, राष्ट्रीय सुरक्षा व रक्षा संबंधी गतिविधियां, राष्ट्रीय महत्व, अस्पताल व स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, लीनियर सार्वजनिक परियोजनाएं जैसे राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, पावर ट्रांसमिशन व वितरण, पाइपलाइन, दूरसंचार सेवाएं (केवल गैर-खुली कार्यों के लिए), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व जलापूर्ति परियोजनाएं आदि को छूट है।
इन वाहनों को छूट
. जरूरी सामान और सेवा से जुड़े वाहन।
. एनसीआर से आने वाली इंटरस्टेट सिर्फ ई-बसें, सीएनजी बसें और बीएस-6 डीजल बसें।
. ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसें व टेंपो ट्रैवलर।
. बीएस-3 तक के पेट्रोल और बीएस-4 तक के डीजल वाहन को छोड़कर दूसरे चारपहिया।