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गुरुद्वारा कमेटी कार्यकारिणी के चुनाव पर लगी रोक, अदालत ने कहा- पेश करें रिपोर्ट

Sat, 19 Jan 2019 05:15 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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court - फोटो : PTI
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अदालत ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी के शनिवार को होने वाले चुनाव पर रोक लगा दी। दरअसल अभी तक कमेटी की वर्तमान कार्यकारिणी के त्यागपत्र ही आम सभा में स्वीकार नहीं करवाए गए और कई अन्य औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया गया। ऐसे में अदालत ने सभी औपचारिकताओं को पूरा कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस फैसले के ध्यानार्थ अब शनिवार को बुलाई गई आम सभा में अध्यक्ष सहित सभी 15 सदस्यों के त्यागपत्र स्वीकार कर बैठक स्थगित कर दी जाएगी।

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अतिरिक्त जिला जज संजीव कुमार ने कमेटी के सदस्य गुरमीत सिंह शंटी के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि कमेटी कार्यकारिणी के चुनाव नियमों को दरकिनार कर करवाए जा रहे हैं। अदालत ने कमेटी के अधिवक्ता के उस तर्क को खारिज कर दिया कि चुनाव के लिए गुरुद्वारा चुनाव निदेशक की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

अदालत ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि कमेटी कार्यकारिणी के दूसरे सत्र के लिए चुनाव के लिए मंजूरी की जरूरत नहीं है, लेकिन इस मामले में कमेटी अध्यक्ष सहित सभी 15 कार्यकारिणी के सदस्यों ने त्यागपत्र दे दिया है। इसके अलावा पिछले 6 दिसंबर को आम सभा में कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पास कर गुरुद्वारा निदेशक से 29 दिसंबर को चुनाव करवाने की मंजूरी मांगी थी। इसके बाद चुनाव 19 जनवरी को होना तय कर दिया गया, लेकिन अभी तक गुरुद्वारा निदेशक ने चुनाव की मंजूरी नहीं दी। ऐसे में चुनाव पर रोक लगाना जरूरी है। अदालत ने अगले आदेश तक कार्यकारिणी के चुनाव पर रोक लगाते हुए सुनवाई 21 फरवरी को तय कर दी। 
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‘चुनाव कब तक के लिए, तय नहीं’
इससे पूर्व शंटी के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि सभी सदस्यों की आम सभा में चुनाव 29 दिसंबर को तय किए गए थे और गुरुद्वारा निदेशक से चुनाव की मंजूरी मांगी थी। इसके बाद सभी सदस्यों ने त्यागपत्र दिए, लेकिन उसे आम सभा में नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि जब अध्यक्ष सहित किसी के त्यागपत्र स्वीकार नहीं हुए और न ही कोई पद रिक्त हुआ है, तो ऐसे में चुनाव कैसे करवाए जा सकते है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 29 मार्च तक था। अभी तक यह भी तय नहीं है कि चुनाव शेष अवधि के लिए करवाए जा रहे हैं या फिर दो वर्ष के लिए। ऐसे में यह चुनाव गैरकानूनी है और उस पर रोक लगाना जरूरी है।

अदालत के निर्देशानुसार चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं, लेकिन सदस्यों की आम बैठक होगी और उसमें सभी 15 कार्यकारिणी के सदस्यों के त्यागपत्र स्वीकार किए जाएंगे। नए चुनाव तक कमेटी के कामकाज को देखने के लिए अंतरिम व्यवस्था की जाएगी। 
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-मनजिंदर सिंह सिरसा, महासचिव

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