संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून और विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व महानिदेशक ग्रो हार्लेम ब्रंटलैंड ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मोहल्ला क्लीनिक का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ पश्चिम विहार स्थित मोहल्ला क्लीनिक को देखने के बाद दोनों वैश्विक नेताओं ने क्लीनिक समेत स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए दिल्ली सरकार की तारीफ की।
वहीं, मून ने सलाह दी कि केंद्र सरकार को 2021 तक अपने बजट का 2.5 फीसदी स्वास्थ्य के क्षेत्र पर खर्च करना चाहिए। ब्रंटलैंड ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक व पॉलीक्लीनिक का मूल मकसद आम लोगों की जरूरतें पूरी करना है। इस तरह के क्लीनिक पूरे देश में बनाने की जरूरत बताई।
लंदन की संस्था ‘द एल्डर’ के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे मून व ब्रंटलैंड का मानना है कि दूसरे देशों में भी इस तरह के नए तरीके अपनाए जाने चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में मानवाधिकारों और शांति के लिए काम करने वाली दूसरी बड़ी शख्सियतें भी शामिल थीं।
केजरीवाल का केंद्र पर हमला
केंद्र सरकार का नाम लिए बिना अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक बनाने में कई तरह की सियासी अड़चनें पैदा की गई थीं। बीते करीब ढाई साल में उनकी सरकार इस दिशा में कोई काम नहीं कर सकी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब अगले कुछ महीनों में सरकार 1,000 मोहल्ला क्लीनिक बना लेगी। केंद्र सरकार की मदद से जुड़े एक सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से किसी बजट की जरूरत नहीं है, केंद्र सरकार बस उन्हें काम करने दे।