दिल्ली उच्च न्यायालय ने बकरीद पर जानवरों का कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से वध करने के सिलसिले में ‘कुछ खास लोगों’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया।
याचिका में कहा गया था कि जानवरों के वध के बाद उसका अपशिष्ट यमुना नदी में फेंका जाता है, जिससे नदी प्रदूषित होती है। मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की एक पीठ ने कहा कि यमुना नदी के प्रदूषण के मामले की जांच राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण कर रहा है।
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जिस ओदश को जारी करने की मांग की है, उसे जारी नहीं किया जा सकता। यह याचिका विधि के एक छात्र ने दायर की थी।
पीठ ने कहा कि उसे कानून का उल्लंघन करने वाले 'कुछ व्यक्तियों' को इंगित करना चाहिए। पीठ ने उसे संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामल उठाने की मंजूरी भी दे दी।