साकेत कोर्ट ने निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात मरकज केस में शनिवार को थाईलैंड और नेपाल के 75 नागरिकों को जमानत दे दी। इनके खिलाफ पुलिस ने हाल ही में आरोप-पत्र दाखिल किया था। इन पर कोविड19 महामारी अधिनियम, वीजा नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप हैं।
मुख्य महानगर दंडाधिकारी गुरमोहिना कौर ने सभी आरोपियों को 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। इनकी ओर से वकील आशिमा मंडला, मंदाकिनी सिंह और फहीम खान ने पैरवी की। सुनवाई में सभी आरोपियों को उनके संबंधित देशों के अधिकारियों और मामले के जांच अधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया।
सुनवाई के दौरान ये सभी आरोपी उन जगहों पर ठहरे हुए थे, जिन्हें हाईकोर्ट ने मंजूरी दी है। ये सभी सोमवार को अदालत में अपनी सजा कम करने के लिए अनुरोध पत्र दाखिल करेंगे। तब्लीगी जमात मामले में अदालत अब तक 33 देशों के 445 नागरिकों को जमानत दे चुकी है। पुलिस ने 36 देशों के 956 लोगों को हिरासत में लिया था।
इनके खिलाफ अब तक 59 आरोप पत्र दायर किए जा चुके हैं। अदालत ने मंगलवार को 122 मलयेशियाई, बुधवार को 21 देशों के 91 नागरिकों, बृहस्पतिवार को 8 देशों के 76 नागरिकों और शुक्रवार को बांग्लादेश के 82 नागरिकों को जमानत दी थी। इनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया था।