वीडियो में सह-आरोपी नहीं दिखा, एफआईआर में देरी पर भी सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
इमरजेंसी पीसीआर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से मारपीट के आरोपी विपांशु राणा को कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि घटना की वीडियो फुटेज में सह-आरोपी राघव मौके पर दिखाई नहीं दे रहा है। साथ ही, एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी का भी पुलिस कोई साफ कारण नहीं बता सकी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुनीश बंसल ने राणा की जमानत याचिका पर यह आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, 12-13 मई की रात कांस्टेबल सौरव कुमार झगड़े की सूचना पर चंदर विहार पहुंचे थे। आरोप है कि वहां दो युवकों ने उनसे मारपीट की, वर्दी फाड़ दी और धमकी देकर भाग गए। कोर्ट ने मामले की वीडियो फुटेज देखने के बाद पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि पुलिस की ओर से पेश वीडियो में सह-आरोपी राघव नजर नहीं आ रहा है। वहीं, बचाव पक्ष की वीडियो में शिकायतकर्ता पुलिसकर्मी राणा को लकड़ी के डंडे से पीटता दिखाई दे रहा है। एफआईआर में इसका जिक्र नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी ने आरोपियों का पीछा किया था, फिर भी स्कूटर का नंबर दर्ज नहीं किया गया। घटना में इस्तेमाल स्कूटर भी बरामद नहीं हुआ। पुलिसकर्मी की मेडिकल जांच 13 मई सुबह 5:30 बजे हुई थी, जबकि एफआईआर 14 मई शाम 4:55 बजे दर्ज हुई। कोर्ट ने इस देरी का कारण नहीं बताए जाने पर भी सवाल उठाया। इसके बाद राणा को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।