फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जत्था वीर खालसा बनाकर भारत में हमले की तैयारी कर रहा है बब्बर खालसा इंटरनेशनल, पाकिस्तान दे रहा समर्थन

Tue, 08 Sep 2020 01:48 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-फेसबुक से बब्बर खालसा के आतंकियों के संपर्क में आया भूपेंदर, बेअंत सिंह के हत्यारे से प्रभावित होकर रखा अपना नाम दिलावर सिंह
-भूपेंदर ने किया खिलासा बब्बर खालसा के अलावा खालिस्तानी कमांडो फोर्स के आतंकी हमले की फिराक में
विज्ञापन
बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुठभेड़ के बाद दबोचे गए बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। आतंकी भूपेंदर सिंह उर्फ दिलावर सिंह ने बताया कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी की मदद से बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तानी कमांडो फोर्स भारत में बड़े आतंकी हमला करने की फिराक में है। पाकिस्तान, ब्रिटेन और सउदी अरब में बैठे खालिस्तानी समर्थक आर्थिक मदद देकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार की सालगिरह पर संगठन ने नए आतंकी संगठन जत्था वीर खालसा बनाने की घोषणा की हुई है। इसका मकसद सिख दंगों के आरोपी नेताओं की हत्या करना और भारत में अलग से खालिस्तान बनवाना है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर और अहम जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है। 

विज्ञापन


पुलिस की पूछताछ में भूपेंदर सिंह ने बताया कि 2005 में वह पंजाब से दुबई काम करने गया था। 2007 में वह वहां से वापस आा गया। इस बीच वह मसकट भी गया। 2016 में वह सउदी अरब चालक की नौकरी करने गया, लेकिन आठ माह उसे वहां काम नहीं मिला। वह अपना ज्यादातर समय फेसबुक पर बिताने लगा। इस बीच फेसबुक पर उसकी मुलाकात बब्बर खालसा के हरबिंदर सिंह, अमरितपाल कौर, रंदीप सिंह और जरनैल सिंह से हुई। वह इनके विचारों से प्रभावित हुआ। 2017 में इन चारों को पंजाब पुलिस ने आतंकी गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार कर लिया। अब भूपेंदर का नाम भी आतंकी षडयंत्र में आने लगा। 2017 में उसके खिलाफ मोहाली पंजाब में मामला दर्ज हुआ। 2019 में उसे अबु धाबी से डिपोर्ट कर दिया गया। वह 2019 में नाभा सिक्योरिटी जेल में बंद रहा।

भूपेंदर ने बताया कि सरदार बेअंत सिंह की हत्या करने वाले आरोपी दिलावर सिंह से वह इतना प्रभावित हुआ कि उसने अपने नाम के आगे बेअंत सिंह लगा दिया। सिखों के खिलाफ साजिश रचने वालों और उनको बुरा कहने वालों को सबक सिखाना उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन गया। 
विज्ञापन


भूपेंदर ने खुलासा किया कि सतलुज यमुना लिंक नहर के वह और उसका संगठन बेहद खिलाफ था। यहां तक जो इंजीनियर इस प्रॉजोक्ट से जुड़े थे, वह उनकी भी हत्या करने की योजना बना रहा था। इसने कुलवंत के साथ मिलकर रायकोट स्थित तहसील में खालिस्तान का भगवा झंडा भी फहराया था। जेल से बाहर आने के बाद भूपेंदर केएलएफ के धन्ना सिंह और केजेएफ के जगदीश भूरा के संपर्क में आया। धन्ना यूके और जगदीश बेल्जियम में है। जगदीश ने भूपेंदर से अपने टारगेट की पहचान करने का आदेश दिया। इसके लिए जगदीश ने भूपेंद्र को दिल्ली में हथियार का इंतजाम भी करवाने की बात की। हथियारों की पेमेंट भी जगदीश ने की। 

भूपेंदर ने बताया कि वह फेसबुक पर बेहद संक्रिय रहा है। वह पाकिस्तानी समर्थकों के समूह पाकिस्तान जिंदाबाद खालिस्तान जिंदाबाद और डिफेंडर्स ऑफ पाकिस्तान से भी जुड़ा हुआ है। कुलवंत ने बताया कि भूपेंदर और वह पुराने दोस्त हैं। भूपेंदर के सउदी अरब जाने के बाद भी वह उससे जुड़ा रहा। भूपेंदर के जेल जाने के बाद वह उससे मिलने जेल गया, जहां भूपेंदर के कहने पर वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें