केएनजीडी इंजीनियरिंग कालेज के छात्रावास में बुधवार दोपहर बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र रवि कुमार (19) ने आत्महत्या कर ली। उसका शव पंखे पर लटका मिला।
पुलिस को नोटबुक में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आत्महत्या का कारण पढ़ाई की टेंशन लिखा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फोरेंसिक टीम भी जांच करेगी।
संस्थान विमान से शव घर पहुंचाने की व्यवस्था करेगा। रवि कुमार निवासी गांव कुदारकट चंपारण मोतीहारा बिहार, हापुड़ रोड़ स्थित केएनजीडी इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक (प्रथम वर्ष) मैकेनिकल ब्रांच का छात्र था।
वह कालेज परिसर स्थित संस्थान के जागृति छात्रावास (प्रथम) के कमरा नंबर 420 में इसी संस्थान के दूसरे कॉलेज केएनमाईटी कालेज के बीटेक के छात्र नीरज और आशीष के साथ रहता था।
छात्रावास के वार्डन रणधीर और पकंज गौतम ने बताया कि संस्थान में सेशनल परीक्षा चल रही है। छात्र रवि सुबह परीक्षा में शामिल हुआ था। शाम की पाली में वह परीक्षा देने नहीं गया।
उसके साथी नीरज और आशीष परीक्षा देने चले गए। शाम करीब चार बजे उसके साथी जब कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था।
दोनों छात्रों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, मगर अंदर से कोई प्रतिक्रिया न होने पर अनहोनी की आशंका से उन्होंने अन्य छात्रों को बुलवा लिया। कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो आत्महत्या का पता चला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पंखे से उतार कर पोस्टमार्टम को भेजा। इस संबंध में छात्रावास के वार्डन रणधीर कुमार और पंकज गौतम ने पुलिस को तहरीर दी है। बिहार निवासी मृतक छात्र चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था।
‘मेरा पढ़ाई में मन नहीं लग रहा
कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा ने बताया कि कमरे से छात्र की नोटबुक मिली है, जिसमें लिखा है कि मुझे माता पिता से कोई शिकायत नहीं है। मेरा पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है और मैं...। स्पष्ट सुसाइट नोट नहीं है।
नोट बुक पर छात्र के हस्ताक्षर भी नहीं है। लेकिन मामला पहली नजर में सुसाइड का लग रहा है। जिस कमरे में घटना घटी उसे सील कर दिया गया।
कमरे की जांच फोरेंसिक टीम कर रही है। मृतक के पिता को घटना की सूचना दे दी गई है। वह यदि लिखित में कोई शिकायत करेंगे तो उसकी जांच कराई जाएगी।
पिता को नहीं हो रहा विश्वास
रवि के पति राम नरेश प्रसाद ने फोन पर बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि बेटा ऐसा कमजोर कदम उठा सकता है।
उन्होंने घटनास्थल से मिली नोट बुक पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि उनका बेटा पढ़ाई में कमजोर नहीं था। उसने कभी भी टेंशन की बात नहीं की। रामनरेश प्रसाद चंपारण में सरकारी टीचर हैं।