आयुषी सोनी का महिला टी-20 चैलेंज टूर्नामेंट में हुआ चयन
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आईपीएल की तर्ज पर खेले जाने वाले महिला टी-20 चैलेंज टूर्नामेंट के लिए गाजियाबाद की बेटी आयुषी सोनी का भी चयन किया गया है। उन्हें हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली सुपरनोवाज में जगह मिली है। टूर्नामेंट में भारत के साथ इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश व श्रीलंका की प्रमुख महिला खिलाड़ी हिस्सा लेंगी।
विजयनगर निवासी आयुषी सोनी की गिनती देश की उभरती महिला खिलाड़ियों में होती है। वर्तमान में दिल्ली की कप्तान आयुषी घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। घरेलू क्रिकेट में उनके दमदार प्रदर्शन का ही नतीजा है कि उन्हें देश व दुनिया के प्रमुख खिलाड़ियों की मौजूदगी वाले इस टूर्नामेंट में जगह मिली है। इस मौके पर उन्होंने अमर उजाला से क्रिकेट से जुड़ी बातें साझा कीं।
भाई से देखकर शुरू किया खेलना
20 वर्षीय आयुषी ने एक वर्ष छोटे भाई यश को देखकर प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने बताया कि घर में शुरू से ही क्रिकेट का माहौल रहा है। उनके पिता राजकुमार वर्मा भी क्रिकेटर रहे हैं। वह बेटे को क्रिकेटर बनाकर अपना सपना पूरा करना चाहते थे। पिता और भाई के साथ आयुषी का भी क्रिकेट के प्रति रुझान बढ़ने लगा। फिर उन्होंने भी भाई के साथ नेहरू स्टेडियम में क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन की। धीरे-धीरे वह क्रिकेट से तथा क्रिकेट उनसे जुड़ता गया। उनके प्रदर्शन में भी निखार आता गया। शुरू में वह जब खेलती थी तो लोग चिढ़ाते भी थे, लेकिन वह बिना विचलित हुए अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं। यूपीसीए के ट्रायल में शामिल हुईं। कैंप के लिए चयन हुआ, लेकिन अंतिम टीम में जगह नहीं बना पाईं।
सुनीता शर्मा का अहम रोल
आयुषी सोनी ने बताया कि वैसे तो उनकी प्रतिभा को निखारने में पापा के लेकर अभी तक के सभी कोचों का योगदान रहा है। मगर द्रोणाचार्य अवार्डी सुनीता शर्मा का रोल सबसे अहम रहा। अपने खेल के बदौलत उन्होंने नेशनल क्रिकेट एकेडमी में जगह बनाई। जहां उन्हें सुनीता शर्मा के मार्गदर्शन में क्रिकेट का ककहरा सीखने को मिला। इसके बाद उनके खेल में जबरदस्त निखार आया। दिल्ली की रणजी टीम में जगह बनाई। पिछले साल दिल्ली की बेस्ट महिला अंडर-19 प्लेयर चुना गया। वह दिल्ली की टीम की कप्तानी भी कर चुकी है। बीसीसीआई के क्षेत्रीय टूर्नामेंट में भी नार्थ जोन की कप्तानी की थी। अभी वह दिल्ली के रमेश चोपड़ा क्रिकेट एकेडमी में प्रैक्टिस कर रही हैं।
सामान्य परिवार से निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में बढ़ते कदम
आयुषी सोनी बेहद सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता राजकु मार वर्मा श्रम विभाग में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं। जबकि मां सीमा सोनी गृहिणी हैं। आयुषी ने बताया कि उनके करियर में माता-पिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लड़की होने के बावजूद क्रिकेट खेलने की छूट दी। खेल के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। उसके साथ शुरू में मैच में जाते थे। कभी सुबह तो कभी देर रात निकलती तो मां उसी वक्त खाना बनाती हैं। मगर अब वह खुश है कि माता-पिता का सपना पूरा कर कही हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर वह नेशनल टीम के लिए भी दावेदारी पेश करेंगी।