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11 माह से फरार आयुषी मित्तल ने किया था 3700 करोड़ का घोटाला, करती थी ऐसा बिजनेस

Wed, 27 Dec 2017 10:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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ayushi mittal - फोटो : अमर उजाला
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नोएडा की फ्रॉड कंपनी एब्लेज इन्फो सोल्यूशन की फरार निदेशिका आयुषी मित्तल को 11 माह बाद यूपी एसटीएफ और एसआईटी की संयुक्त टीम ने पुणे से गिरफ्तार कर लिया है।
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टीम बुधवार को उसे लेकर गाजियाबाद पहुंचेगी। ट्रांजिट रिमांड पर होने की वजह से बुधवार को ही आयुषी को गाजियाबाद कोर्ट में पेश करना होगा। एसआईटी के जांच अधिकारी पूछताछ के लिए कोर्ट से आयुषी की पुलिस रिमांड मांग सकते हैं।

आयुषी नोएडा के सेक्टर-63 एफ-471 में चलने वाली एब्लेज कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल की पत्नी है। एब्लेज पर आरोप है कि उसने इंटरनेट पर फर्जी विज्ञापन लिंक लाइन कराने के बहाने लगभग सात लाख लोगों से 3700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
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यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट के प्रभारी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि केस के खुलासे के बाद से ही आयुषी की तलाश थी। एसटीएफ टीम ने कानपुर स्थित उसके मायके, गाजियाबाद स्थित उसके घर, हापुड़ स्थित उसकी ससुराल समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी।

इस दौरान आयुषी ने कुछ मामलों में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। हालांकि, इंदिरापुरम गाजियाबाद के एक मामले में आयुषी ने स्टे नहीं लिया था।

उसी केस में आयुषी को मंगलवार को बी ब्लॉक, फ्लैट नंबर 308, साईं गंगा सोसायटी, थाना खोन्डवा, पुणे, महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद टीम संबंधित न्यायालय से 28 दिसंबर तक की ट्रांजिट रिमांड लेकर आयुषी को विमान से गाजियाबाद ला रही है।

सात गिरफ्तारी हो चुकी हैं पहले

अनुभव मित्तल और आयुषी अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 1 फरवरी की शाम मामले का खुलासा करते हुए कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल, सीईओ श्रीधर प्रसाद और तकनीकी हेड महेश दयाल को गिरफ्तार किया था।

2 फरवरी को मामला मीडिया में आया था। अनुभव के पिता सुनील मित्तल को भी एसटीएफ 8 अप्रैल को गिरफ्तार कर चुकी है। मूलरूप से हापुड़ निवासी अव इलेक्ट्रानिक्स की दुकान चलाने वाला सुनील एब्लेज में बेटे के साथ पूर्व निदेशक रह चुका है।

शादी के बाद अनुभव ने पिता की जगह पत्नी को कंपनी में निदेशक बना दिया था। इसके अलावा एसटीएफ ने गाजियाबाद की एक निजी बैंक के अधिकारी अतुल कुमार मिश्रा को भी 8 फरवरी को गिरफ्तार किया था।

अतुल पर आरोपियों का साथ देने और फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा प्रमोद कुमार सोलंकी और प्रमोद कुमार विमल दो बड़े निवेशकों को यूपी एसटीएफ ने 17 मई को गिरफ्तार किया था।

इन पर आरोप है कि इन्होंने खुद भी कंपनी में निवेश कर फर्जीवाड़े से करोड़ों रुपये की कमाई की और हजारों की संख्या में अन्य लोगों के चेन सिस्टम के तहत एब्लेज कंपनी से जोड़ दिया।

मौसी के बच्चों केसाथ पुणे में रह रही थी

अनुभव‌ मित्तल-आयुषी अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
एब्लेज कंपनी की जांच के लिए यूपी पुलिस के डीजीपी द्वारा विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। फिलहाल एसआईटी के मुखिया गौतमबुद्धनगर के एसएसपी लव कुमार हैं।

उन्होंने बताया कि आयुषी पुणे में मौसी के घर पर रह रही थी। पुख्ता सूचना के आधार पर एसटीएफ व एसआईटी की संयुक्त टीम को पुणे भेजा गया था।

सैकड़ों एफआईआर हैं एब्लेज के खिलाफ
एसटीएफ के डीएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि एब्लेज इन्फो कंपनी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में ही छह मामले दर्ज हैं। इसमें से एक एफआईआर ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाने में, दो एफआईआर नोएडा के फेज तीन थाने में, दो एफआईआर गाजियाबाद के इंदिरापुरम और कवि नगर थाने में दर्ज हैं।

एब्लेज कंपनी में मेरठ के हजारों निवेशक हैं। लिहाजा, कंपनी के खिलाफ मेरठ में ही 183 मामले दर्ज हैं। यूपी के अन्य जिलों में भी एफआईआर हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश सहित अन्य कई राज्यों में भी एब्लेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिली थी।

खुलासे के बाद एसटीएफ को हजारों की संख्या में देश के कई राज्यों और विदेशों से भी एब्लेज कंपनी के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
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ईडी व अन्य एजेंसियां भी कर रहीं हैं जांच

anubhav mittal
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कंपनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी थी। इसके अलावा केन्द्र सरकार की कई और एजेंसियां कंपनी के फर्जीवाड़े की जांच कर रही हैं। एसटीएफ अब तक कंपनी के विभिन्न बैंक खातों से 650 करोड़ रुपये की राशि जब्त कर चुकी है।

इसके अलावा फर्जीवाड़े के पैसे से बनाई गई लगभग 12 करोड़ रुपये की संपत्ति का भी पता लगाया था। ईडी ने भी कंपनी की राशि और संपत्तियां अटैच कर ली हैं।

पांच केस में वांछित है आयुषी
गौतमबुद्धनगर की एसपी क्राइम व एसआईटी की सदस्य प्रीति बाला गुप्ता ने बताया कि फिलहाल आयुषी पांच मामलों में वांछित थी। अब अन्य जगहों पर दर्ज एफआईआर की भी जानकारी की जा रही है, जिससे पता चल सके कि आयुषी कुल कितने मामलों में वांछित है।

इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर दर्ज एफआईआर में पीड़ितों ने उन लोगों को भी आरोपी बनाया है जिन्होंने खुद भी एब्लेज कंपनी में निवेश किया और चेन बनाने के लिए काफी संख्या में अपने नीचे लोगों को जोड़ा है। ऐसे में जांच के बाद उन लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
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