फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए देश का सबसे छोटा आयुष क्वाथ तैयार, पीएम भी कर चुके हैं पीने की अपील

Sat, 06 Jun 2020 04:51 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

- आयुष मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद तैयार 
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं अपील, जल्द वैज्ञानिक अध्ययन भी आएगा सामने
विज्ञापन
आयुष क्वाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लंबे समय से कोरोना वायरस को लेकर सुर्खियों में चल रहे आयुष क्वाथ(काढ़ा) का इंतजार अब खत्म हुआ। यह इम्युनिटी बूस्टर पहली बार सबसे छोटे रूप में आया है। इसे एक पाउच का रूप दिया है ताकि हर तबके के लोग इसका बड़ी आसानी के साथ इस्तेमाल कर सकें।

विज्ञापन


आयुष मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद एमिल फॉर्मास्युटिकल कंपनी ने इसे तैयार कर लिया। इसमें दालचीनी, तुलसी, काली मिर्च और सुंथी का मिश्रण है जोकि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाती हैं। उधर आयुष क्वाथ पर वैज्ञानिक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी सौंपी है।

एमिल फॉर्मास्युटिकल के कार्यकारी निदेशक संचित शर्मा ने बताया कि मंत्रालय से दिशा निर्देश मिलने के बाद आयुष क्वाथ का निर्माण शुरू कर दिया था लेकिन इसे हर व्यक्ति तक पहुंचाना एक चुनौती था। इसलिए हमनें आयुष क्वाथ को एक पाउच का रूप दिया है ताकि आम से लेकर खास व्यक्ति इसका आसानी से इस्तेमाल कर सके। 'महज एक प्याला, इम्युनिटी वाला' का टैग भी दिया है। 

विज्ञापन

चाय बनाते वक्त इसे डाल सकते हैं

दरअसल कोरोना वायरस की महामारी आने के बाद प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री व जिला प्रशासनों ने इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर देते हुए काढ़ा पीने की सलाह दी लेकिन काढ़ा कैसे-कब और कितना पीना है?

आयुष मंत्रालय ने चार जड़ी बूटियां तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च और सुंथी का मिश्रण बनाकर काढ़ा पीने के लिए कहा लेकिन ये कहां मिलेंगी और कितना मिश्रण होगा, इसके बारे में लोगों को जानकारी भी नहीं है। अब लॉकडाउन ने लोगों को काढ़ा पिलाना सिखा दिया। आयुष मंत्रालय ने जड़ी बूटियों के नाम सुझाए तो कई कंपनियों ने बनाना शुरू किया। अब यह सेशे (पाउच) में आ गया।

आयुष के डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि आयुर्वेद ग्रंथ से लिया आयुष क्वाथ इम्युनिटी को बढ़ाता है जिससे किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित होता भी है तो वायरस से लड़ते हुए इम्युनिटी शक्तिशाली हो जाती है और वायरस को निष्क्रिय बनाने लगती है।

चाय बनाते वक्त आयुष क्वाथ पाउच को खोलकर डालें। दिन में दो से तीन बार इसे ले सकते हैं। गुनगुने पानी के साथ भी आयुष क्वाथ की गोलियां ले सकते हैं। चीनी के अलावा शहद या गुड़ के साथ ही इसका सेवन किया जा सकता है। 
विज्ञापन

बीएचयू और आईआईटी के वैज्ञानिक करेंगे प्रभाव पर अध्ययन

उधर आयुष क्वाथ के वैज्ञानिक प्रभावों को जानने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के आयुर्वेद और आईआईटी के वैज्ञानिक मिलकर अध्ययन भी शुरू करने जा रहे हैं।

आयुष मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संगठन राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने आयुष क्वाथ के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए बीएचयू के आयुर्वेद और आईआईटी विशेषज्ञों को निर्देश दिए हैं।

इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया है जिसमें आईआईटी के प्रोफेसर एसके श्रीवास्तव, डॉ. आभा मिश्रा के अलावा आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. केएन द्विवेदी शामिल हैं। समिति को अध्ययन रिपोर्ट सौंपने के लिए एक माह का वक्त दिया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें