ग्रेटर नोएडा की एक बहुमंजिला सोसायटी के चार ब्लॉक के करीब तीन हजार निवासियों की जान इन दिनों सांसत में फंसी हुई है। जीटा-1 स्थित एवीजे हाइट्स के चार ब्लॉक के बेसमेंट में काफी समय से पानी भरा है।
शाहबेरी की घटना के बाद से निवासियों में इस इमारत को लेकर भी खौफ पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि टैंक में दरार के चलते पानी भर गया है, लेकिन बिल्डर इस ओर ध्यान ही नहीं देता।
जीटा-1 स्थित एवीजे हाइट्स सोसायटी के आई, जी, एच और ई टावर में करीब तीन हजार लोग रहते हैं। सभी टावर करीब 18 मंजिल के हैं। काफी समय से कई सुविधाओं से वंचित सोसायटी के निवासियों ने पहले भी ड्रेनेज सिस्टम में गड़बड़ी, पानी के टैंकों में रिसाव और बारिश के पानी के बेसमेंट में भर जाने की शिकायतें बिल्डर से की हैं, इसके बावजूद बिल्डर ने ध्यान नहीं दिया है।
आई टावर में वर्ष 2016 के दिसंबर में पानी की टंकी में दरार आई थी। जो पूर्व में बनवाई गई थी, लेकिन बाद में इसमें भी धीरे-धीरे रिसाव होता है। इसके अलावा पानी पीने के टैंक और फायर सिस्टम के लिए टैंक को एक-साथ मिला दिया गया है, जिससे मोटर चलने पर पानी ओवरफलो होता है और नीचे बेसमेंट में करीब डेढ़ वर्ष से पानी जमा है।-आरके साही, आई टॉवर निवासी
जी और एच टावर के बीच में बने बैलेंस टैंक से भी रिसाव होता रहता है, जिससे बेसमेंट में पानी भरा रहता है। ड्रेनेज सिस्टम सही न होने से बारिश के समय स्थिति विकट हो जाती है। बेसमेंट में अधिकतर पिलर्स में पानी पहुंच रहा है।-ब्रजेश सिंह, जी टॉवर निवासी