एनसीआर में बेरोकटोक ऑटो दौड़ाने की योजना फिर खटाई में पड़ गई है। इस बार अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद इस योजना पर पानी फिर गया है।
योजना को रफ्तार देने के लिए केजरीवाल सरकार की तरफ से ऑटो परमिट जारी करने की घोषणा पिछले दिनों कर दी गई थी।
परमिट की संख्या को लेकर दिल्ली व उत्तर प्रदेश के परिवहन विभागों के बीच बातचीत होनी थी। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अधिकारियों ने वार्ता की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन इससे पहले ही केजरीवाल ने इस्तीफा देकर दिल्ली में सियासी संकट खड़ा कर दिया।
दिल्ली की राजनीतिक खींचतान में ऑटो परमिट योजना लंबे समय से फंसी हुई है।
तत्कालीन शीला सरकार ने साल भर पहले इस योजना को मंजूरी तो दे दी थी, लेकिन शर्तों के ऐसे पेंच फंसाए कि योजना लागू होने में विलंब होता गया और दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई।
इसके चलते योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। दिसंबर में सरकार बदली और योजना को फिर आगे बढ़ाया गया।
पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार की तरफ से एक सप्ताह में परमिट जारी करने का ऐलान भी कर दिया गया, लेकिन इस बीच अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया और इस प्रकार योजना फिर एक बार अधर में लटक गई है।