ऑटो पार्ट्स बनाने वाली मशीन की बेल्ट में फंसने से एक श्रमिक की मौत हो गई। हादसा आईएमटी मानेसर क्षेत्र के सेक्टर-3 में हुआ है। कंपनी प्रबंधन की ओर से उसे निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कंपनी प्रबंधन ने श्रमिक के परिवार वालों को आठ लाख रुपये का मुआवजा देकर शव को घर भेज दिया। इसके बाद यूनियन की ओर से विरोध में तोड़फोड़ की गई। कंपनी प्रबंधन के बयान पर मानेसर थाना पुलिस ने तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से आरा बिहार का रहने वाला शत्रुघभन प्रसाद (30) छह साल से कंपनी में काम कर रहा था। बृहस्पतिवार सुबह 5 बजे के करीब मशीन की बेल्ट के चपेट में आ गया। इस दौरान कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिवार वालों से संपर्क कर उन्हें मुआवजा देकर समझौता कर लिया।
कंपनी प्रबंधन की तरफ से मृतक की पत्नी कलावती देवी को आठ लाख रुपये का चेक दिया है। जबकि मृतक की बेटी प्रिया कुमारी के नाम भी तीन लाख रुपये की एफडी की जाएगी। लड़का नाबालिग है, बालिग होने तक 5 हजार रुपये प्रति माह दिया जाएगा।
दाह संस्कार व एंबुलेंस का पूरा खर्च कंपनी प्रबंधन उठाएगी। इसके अलावा ईएसआई, पीएफ व लेबर फंड से पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी। दूसरी ओर, श्रमिक यूनियन के लोगों ने कंपनी प्रबंधन का विरोध किया। प्रबंधन की ओर से मानेसर थाना पुलिस को शिकायत दी गई है।