प्राधिकरण हैरान और परेशान
पिछले दिनों की घटनाओं को देखा जाए तो प्राधिकरण के सामने फिर मुसीबत आने वाली है। प्राधिकरण ने सबसे पहले सेक्टर-137 में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाया तो वहां भी विरोध के साथ ही एनजीटी ने रोक लगा दी। इसके बाद प्राधिकरण सेक्टर-54 में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाने की बात कहकर कूड़ा डालने लगा। खूब विरोध हुआ और फिर यहां भी एनजीटी ने रोक लगा दी। इसके बाद प्राधिकरण ताल ठोककर सेक्टर-123 में कूड़ा डालने पहुंचा।
जबरदस्त आंदोलन हुआ, लोग जेल भी भेजे गए। पीड़ित लोग सीएम से मिले तो उन्होंने ने यह कहकर कूड़ा डालने से मना कर दिया कि आबादी के 2 किलोमीटर दूर ही डंपिंग ग्राउंड बनाया जा सकता है। इसके बाद ग्रेनो वेस्ट के खोदना खुर्द में जैसे ही कूड़ा डालने पहुंचे तो वहां भी लोगों ने हंगामा कर दिया। प्राधिकरण को फिर कदम खींचने पड़े। मास्टर प्लान के हिसाब से प्राधिकरण की असली प्लानिंग तो अस्तौली की ही है।
प्राधिकरण अपने ही प्लानिंग पर काम नहीं कर पा रहा है। जब डंपिंग ग्राउंड बनना चाहिए था तो प्राधिकरण सोता रहा। पूरे शहर में आबादी हो गई है। आबादी के बीच डंपिंग ग्राउंड किसी भी कीमत पर नहीं बन सकता। - रघुराज सिंह, समाजसेवी
सेक्टर-123 में किसी भी कीमत पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा। सीएम भी मना कर चुके हैं। साथ ही संघर्ष समिति भी प्राधिकरण ही हर गतिविधि पर नजर रख रही है। आंदोलन के साथ ही कोर्ट में भी प्राधिकरण को घेरा जाएगा। -सूबे यादव, मुखिया, डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति